मोबाइल टावर में सेंध, बागेश्वर पुलिस की दबंग कार्यवाही में 5 लाख के पार्ट्स बरामद — अंतर्राज्यीय गिरोह गिरफ्तार
मेरा हक न्यूज़ गरुड़
बागेश्वर पुलिस ने एक बड़ी और साहसिक कार्रवाई को अंजाम देते हुए मोबाइल टावर के पार्ट्स चोरी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश कर दिया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने चार शातिर चोरों को गिरफ्तार करते हुए लगभग पांच लाख रुपये की कीमत के चोरी किए गए टावर पार्ट्स को शत-प्रतिशत बरामद कर लिया है। पुलिस अधीक्षक चन्द्रशेखर घोडके के नेतृत्व में यह सफलता हासिल की गई, जिनके निर्देशों में गठित पुलिस टीम ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए सटीक सुरागों के आधार पर कार्रवाई की।
मामला 4 जून 2025 का है, जब B4S कंपनी के सुपरवाइज़र ने कोतवाली बागेश्वर में एक लिखित शिकायत दी थी कि ग्राम खोली में स्थित एयरटेल टावर से तीन बीटीएस हार्डवेयर यूनिट्स RRU 5507 और लगभग 110 मीटर की पावर केबल चोरी हो गई है। इस शिकायत के आधार पर कोतवाली बागेश्वर में मुकदमा पंजीकृत किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने तत्काल प्रभाव से एक विशेष टीम गठित की और सीओ अजय शाह के पर्यवेक्षण में टीमें अलग-अलग स्थानों पर रवाना की गईं।
जांच में सामने आया कि गिरफ्तार किए गए आरोपी राहुल सिंह, संदीप राघव, राजकुमार उर्फ राजू, और कबाड़ी शमशेर रजा — सभी उत्तर प्रदेश के निवासी हैं और एक नियोजित साजिश के तहत देवशक्ति वेन्डर कंपनी के कर्मचारियों के रूप में काम करते हुए चोरी को अंजाम दिया। इन अभियुक्तों ने तीन मोबाइल टावरों में लगाए जाने वाले आरआरयू पार्ट्स और पावर सप्लाई केबल को चुरा कर मुरादाबाद के कबाड़ी शमशेर रजा को बेच दिया था। लेकिन पुलिस की मुस्तैदी और तकनीकी निगरानी से उन्हें 28 जून 2025 को चोरी के पूरे माल सहित गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों को संबंधित धाराओं 303(2), 317(2), और 3(5) बीएनएस के तहत न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
इस पूरी कार्रवाई में जो पुलिस टीम शामिल रही, उसमें उपनिरीक्षक मनोहर चंद, उपनिरीक्षक बलवंत सिंह कम्बोज, उपनिरीक्षक नितिन बहुगुणा, हेड कांस्टेबल जय कुमार और एसओजी के कांस्टेबल रमेश सिंह शामिल रहे।
पुलिस अधीक्षक ने टीम की इस उपलब्धि की सराहना करते हुए टीम को 1000 रुपये की नगद धनराशि से सम्मानित किया है। यह सफलता ना केवल बागेश्वर पुलिस की प्रोफेशनल दक्षता का प्रतीक है, बल्कि अपराधियों को स्पष्ट संदेश भी है कि कोई भी गैरकानूनी गतिविधि कानून की पकड़ से बाहर नहीं है।
बागेश्वर पुलिस के इस कार्य ने एक बार फिर से यह सिद्ध कर दिया है कि कानून के लंबे हाथ चोरों और अपराधियों तक अवश्य पहुँचते हैं, चाहे वे कितनी भी चालाकी से काम करें





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One Comment
मोहम्मद जैद पर प्राथमिक रूप से BNS की धारा 281 और धारा 122 लग सकती हैं, और यदि हमला गंभीर या जानलेवा है तो अन्य धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं, जांच के अनुसार।