पुलिस का संवेदनशील कदम, बुजुर्गों से मिली ताकत और भरोसा
मेरा हक न्यूज़
आज की खबर है बागेश्वर पुलिस की उस पहल से जुड़ी, जिसने बुजुर्गों के दिलों में भरोसे और सुरक्षा की नई रोशनी जगाई है। पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर घोडके के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने अपने थाना क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिकों और अकेले निवास कर रहे बुजुर्गों से मुलाकात की। इस दौरान पुलिस ने न केवल उनका हालचाल जाना बल्कि उनकी निजी, पारिवारिक और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर गंभीरता से बातचीत की।

वरिष्ठ नागरिकों को आश्वस्त किया गया कि पुलिस हर समय उनके साथ खड़ी है और किसी भी समस्या की स्थिति में तुरंत पुलिस सहायता नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है। डॉयल 112, महिला हेल्पलाइन 1090 और साइबर हेल्पलाइन 1930 जैसे जरूरी नंबरों की जानकारी दी गई, ताकि आपातकालीन स्थिति में तत्काल मदद मिल सके।
इसके साथ ही पुलिस ने उन्हें साइबर अपराधों से सावधान रहने के लिए भी जागरूक किया। खासकर यह बताया गया कि किसी भी अनजान व्यक्ति से फोन कॉल, सोशल मीडिया या लिंक पर बैंक खाता नंबर, एटीएम कार्ड डिटेल्स और ओटीपी जैसी गोपनीय जानकारी साझा न करें। किसी भी लालच, ऑफर या क्यूआर कोड स्कैन करने से बचें, क्योंकि यही साइबर अपराधियों का सबसे बड़ा हथियार है।
पुलिस ने ऑपरेशन कालनेमि की जानकारी देते हुए समझाया कि किस तरह साइबर ठग लगातार लोगों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में जागरूक रहना ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।
इस पूरे संवाद में वरिष्ठ नागरिकों ने भी अपने अनुभव साझा किए और पुलिस के इस कदम की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल से उन्हें सुरक्षा की भावना मिलती है और वे अपने आप को अकेला नहीं बल्कि पुलिस के साथ जुड़ा हुआ महसूस करते हैं।
बागेश्वर पुलिस का यह प्रयास समाज में भरोसे और सहयोग की एक मजबूत नींव रख रहा है। क्योंकि जब बुजुर्ग सुरक्षित और सम्मानित महसूस करेंगे, तभी समाज भी सच्चे मायनों में सुरक्षित कहलाएगा।





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