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“देश का गौरव बने बागेश्वर का बेटा – प्रो. पी.के. जोशी को मिला राष्ट्रीय जिओस्पेशियल सम्मान”

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“देश का गौरव बने बागेश्वर का बेटा – प्रो. पी.के. जोशी को मिला राष्ट्रीय जिओस्पेशियल सम्मान”

पर्यावरण और जलवायु विज्ञान के क्षेत्र में देश का नाम रोशन करने वाले प्रो. पी.के. जोशी को 17 जुलाई 2025 को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मुंबई (IIT-Bombay) द्वारा नेशनल जिओस्पेशियल फैकल्टी फेलो अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की ICT के माध्यम से शिक्षा पर राष्ट्रीय मिशन (NMEICT) के अंतर्गत दिया गया, जिसमें प्रो. जोशी के उपग्रह और अंतरिक्ष आधारित पृथ्वी अवलोकन प्रणालियों तथा जिओस्पेशियल तकनीक में किए गए अग्रणी शोध कार्यों को मान्यता दी गई।

बागेश्वर ज़िले के गरुड़ क्षेत्र स्थित अमश्यारी गांव में जन्मे प्रो. पी.के. जोशी ने हरिद्वार से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की और फिर गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय, हरिद्वार से उच्च शिक्षा हासिल की। वर्तमान में वे जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU), नई दिल्ली के पर्यावरण विज्ञान अध्ययन केंद्र में प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं। उनका शैक्षणिक और शोधात्मक सफर न सिर्फ भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी फैला हुआ है।

उन्होंने ISRO के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ रिमोट सेंसिंग (IIRS), देहरादून और टेरी विश्वविद्यालय, नई दिल्ली में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। साथ ही वे येल विश्वविद्यालय (अमेरिका), हेलसिंकी विश्वविद्यालय (फिनलैंड) और फ्राइबर्ग विश्वविद्यालय (जर्मनी) में विज़िटिंग फैकल्टी के तौर पर भी कार्य कर चुके हैं।

प्रो. जोशी को वैश्विक स्तर पर रिमोट सेंसिंग और जिओग्राफिकल इन्फॉर्मेशन सिस्टम (GIS) तकनीकों के पर्यावरणीय अनुप्रयोगों के लिए विशेष रूप से पहचाना जाता है। वे जलवायु परिवर्तन, पारिस्थितिकी संतुलन और पर्यावरणीय मुद्दों पर लगातार मीडिया में सक्रिय रहते हैं। उनके लेख और विचार देश की नीति निर्माण प्रक्रियाओं और जन-जागरूकता अभियानों को दिशा देने में प्रभावशाली भूमिका निभाते हैं।

यह पुरस्कार न केवल उनके अकादमिक नेतृत्व और वैज्ञानिक दृष्टिकोण की पुष्टि है, बल्कि उन तमाम युवा वैज्ञानिकों के लिए प्रेरणा भी है जो विज्ञान के ज़रिए समाज और प्रकृति के बीच संतुलन लाना चाहते हैं। प्रो. जोशी को यह सम्मान उनके शोध कार्य, शिक्षण में योगदान और संस्थागत निर्माण की दिशा में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए प्रदान किया गया।

इस उपलब्धि ने न सिर्फ उत्तराखंड बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित किया है। बागेश्वर की धरती पर जन्मा यह सपूत आज राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारतीय विज्ञान और पर्यावरणीय शोध का दमदार चेहरा बन चुका है। मेरा हक न्यूज़ की ओर से प्रो. पी.के. जोशी को इस महान उपलब्धि पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ।

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