उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र के निवासी हवलदार गजेंद्र सिंह गढ़िया के देश के लिए सर्वोच्च बलिदान का समाचार पूरे क्षेत्र और राज्य के लिए अत्यंत पीड़ादायक है। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ा जिले के सिंहपोरा क्षेत्र में आतंकवादियों के साथ हुई मुठभेड़ के दौरान उन्होंने मां भारती की रक्षा करते हुए वीरगति प्राप्त की। उनका यह बलिदान न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश के लिए गर्व और सम्मान का विषय है।
वीर जवान के शहीद होने की सूचना मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। दर्जा राज्य मंत्री शिव सिंह बिष्ट, दर्जा राज्य मंत्री भूपेश उपाध्याय, कपकोट विधायक सुरेश गढ़िया तथा पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण सहित अनेक जनप्रतिनिधियों और सामाजिक लोगों ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। सभी ने कहा कि हवलदार गजेंद्र सिंह गढ़िया का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता और उनका नाम सदैव देशभक्ति के स्वर्णिम इतिहास में अंकित रहेगा।
शहीद जवान ने अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए जिस साहस और समर्पण का परिचय दिया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा। उन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर यह सिद्ध कर दिया कि देश की सुरक्षा सर्वोपरि है और भारतीय सैनिक हर परिस्थिति में राष्ट्र की रक्षा के लिए तत्पर रहते हैं।
परम पिता परमेश्वर से प्रार्थना है कि वे दिवंगत वीर आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति दें। पूरा देश आज इस वीर सपूत को नमन करता है और उनके अमर बलिदान को श्रद्धांजलि अर्पित करता है।





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