विकास की रफ्तार पर आयुक्त की सीधी नजर, हर विभाग को मिला सख्त संदेश
रिपोर्ट भगवत नेगी मेरा हक न्यूज
बागेश्वर में विकास कार्यों की गति और गुणवत्ता को लेकर बड़ा संदेश सामने आया है। कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत के दो दिवसीय जनपद भ्रमण के पहले दिन कलेक्ट्रेट सभागार में विभिन्न विभागों की योजनाओं और परियोजनाओं की व्यापक समीक्षा की गई। जनपद आगमन पर जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने उनका औपचारिक स्वागत किया और गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। इसके बाद शुरू हुई समीक्षा बैठक में हर विभाग से विस्तार से प्रगति रिपोर्ट ली गई और स्पष्ट निर्देश दिए गए कि विकास कार्यों में समयबद्धता, गुणवत्ता और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता रहे।






बैठक में जिला योजना, राज्य पोषित और केंद्र पोषित योजनाओं की प्रगति, अवशेष धनराशि की स्थिति और मुख्यमंत्री घोषणाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। मत्स्य विभाग ने ट्राउट मछली उत्पादन की उपलब्धियों की जानकारी दी, जिस पर संतोष व्यक्त किया गया। उद्यान विभाग ने कीवी उत्पादन, विपणन संभावनाओं और आगामी दस वर्षों की कार्ययोजना का रोडमैप प्रस्तुत किया। “अभिनव पहल” के तहत शुरू की गई काला धान की खेती और कुटकी उत्पादन की प्रगति भी चर्चा का प्रमुख विषय रही।
पशुपालन विभाग ने ब्रायलर फार्म नीति और “गोट वैली योजना” की स्थिति बताई। औषधि विभाग ने नशा रोकथाम अभियान, संदिग्ध दवाओं पर निगरानी और जागरूकता कार्यक्रमों की जानकारी दी। “नशामुक्त उत्तराखंड” अभियान के अंतर्गत बच्चों को जागरूक करने और पुनर्वास व्यवस्था की भी समीक्षा की गई।
स्वच्छता और नगर विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया। जिला पंचायत ने स्वच्छता कार्यों की स्थिति बताई, जबकि नगर निकायों द्वारा लिगेसी वेस्ट निस्तारण, स्ट्रीट लाइट व्यवस्था, सार्वजनिक शौचालय और पिंक टॉयलेट की प्रगति से अवगत कराया गया। आवश्यकता होने पर कौसानी क्षेत्र में शौचालयों का पुनः सर्वे कराने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य विभाग ने जिला चिकित्सालय में टोकन सिस्टम और सेंट्रल बिलिंग सिस्टम की जानकारी दी। “हैलो हेल्थ बागेश्वर” सेवा को 24 घंटे सुचारू रूप से संचालित रखने के निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान दूरभाष के माध्यम से चिकित्सकों और स्टाफ की उपलब्धता की पुष्टि भी की गई। शिक्षा विभाग ने पीएम श्री योजना के अंतर्गत संचालित विद्यालयों की उपलब्धियों को प्रस्तुत किया।
लोक निर्माण विभाग ने राष्ट्रीय राजमार्ग, पीएमजीएसवाई सड़कों, निर्माणाधीन और अनुरक्षणाधीन परियोजनाओं की स्थिति से अवगत कराया। सभी सड़कों पर स्पष्ट नाम पट्ट अंकित करने और 60 दिनों के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। पेयजल निगम ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत कांडा ग्राम समूह पंपिंग परियोजना और अमृत 2.0 के तहत कपकोट पंपिंग योजना की प्रगति बताई। दूरसंचार विभाग और बीएसएनएल द्वारा नेटवर्क उपलब्धता और टावरों की स्थिति की जानकारी साझा की गई।
राजस्व प्राप्तियों, साइबर क्राइम सेल में प्राप्त प्रार्थना पत्रों और साइबर अपराध की रोकथाम के उपायों की भी समीक्षा हुई। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की कॉलिंग प्रतिशतता पर असंतोष व्यक्त करते हुए इसे सुधारने के निर्देश दिए गए। वन विभाग ने कम्पा के अंतर्गत वृक्षारोपण, पौधों की जीवितता, मानव-वन्यजीव संघर्ष और ईको-ट्रेल विकास की जानकारी दी। खेल विभाग को खेल अवसंरचना और छात्रावास स्थापना से जुड़े कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में कुन्ती नाले, अल्मोड़ा मैग्नेसाइट, मास्टर ड्रेनेज निर्माण, चिकित्सकों की कमी, कांडा नर्सिंग कॉलेज, कौसानी पार्किंग योजना, ग्राम खोली स्टेडियम, बीआरओ सड़क चौड़ीकरण, रीप, सारा प्राधिकरण और अन्य लंबित प्रकरणों की भी गहन समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी आर.सी. तिवारी ने “वन डिस्ट्रिक्ट वन रिवर” के अंतर्गत गरुड़ गंगा पुनर्जीवन योजना की प्रगति प्रस्तुत की।
स्पष्ट संदेश दिया गया कि विकास योजनाओं में देरी स्वीकार्य नहीं होगी और लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में पुलिस अधीक्षक जितेंद्र मेहरा, अपर जिलाधिकारी एन.एस. नबियाल, मुख्य विकास अधिकारी आर.सी. तिवारी सहित सभी उप जिलाधिकारी और जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। यह दौरा जनपद में विकास की दिशा और गति तय करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।





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