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किसानों को मिला फूलों की खेती का नया ज्ञान, पंतनगर विश्वविद्यालय का अणा गांव में प्रशिक्षण कार्यक्रम सफल रहा

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मेरा हक न्यूज़ में आपका स्वागत है। आज हम आपको बता रहे हैं एक बेहद महत्वपूर्ण खबर, जहां किसानों के लिए आयोजित एक विशेष कार्यक्रम ने उनकी खेती की दिशा और दशा बदलने की नई संभावनाओं को जन्म दिया है। ग्राम पंचायत अणा में गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर की ओर से कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें संरक्षित पुष्प उत्पादन तकनीक पर किसानों को विस्तृत जानकारी दी गई।

 

कार्यक्रम में पंतनगर विश्वविद्यालय से आए वैज्ञानिकों ने फूलों की खेती से जुड़ी आधुनिक तकनीकों और उनके लाभों को विस्तार से समझाया। डॉ सी के राव, परियोजना अधिकारी पुष्प उत्पादन, ने किसानों को पुष्प उत्पादन के आधुनिक तरीकों की जानकारी दी। डॉ अजीत कुमार कपूर ने गुलदावदी के उत्पादन की विशेष तकनीक पर प्रकाश डाला। वहीं डॉ केपी सिंह ने किसानों को फूलों में लगने वाले कीट और व्याधियों के बारे में बताया और उनके बचाव के उपाय भी समझाए।

 

इस अवसर पर नारायण सिंह जस्ट, प्रभारी उद्यान सजल डालकर, ने बागवानी और कृषि भगवान के महत्व पर विस्तृत जानकारी साझा की। कार्यक्रम की अध्यक्षता भैरवनाथ टम्टा, सचिव गरुड़ वैली एग्रो एंड टूरिज्म सोसाइटी ने की। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम किसानों को नई दिशा और आधुनिक खेती के लिए प्रेरित करते हैं।

 

गांव के किसानों के साथ-साथ क्षेत्र पंचायत सदस्य सोनी रावत, सरपंच जगदीश रावत, भाजपा मंडल अध्यक्ष गरुड़ सुनील दोसाद, पूर्व जिला पंचायत सदस्य भावना दोसाद, दिनेश बिष्ट, दान सिंह परिहार, उमेद सिंह किरमोलिया, सेवा निवृत्त आईबी से प्रकाश राम, सेवा निवृत्त अध्यापक रतन सिंह किरमोलिया सहित कई गणमान्य लोग कार्यक्रम में मौजूद रहे। साथ ही बड़ी संख्या में महिलाएं भी उपस्थित थीं, जिनमें तारा देवी, गीता देवी, हेमा देवी, विमला देवी, कविता देवी, रेखा देवी और अन्य ग्रामीण महिलाएं शामिल रहीं।

 

वैज्ञानिकों ने किसानों को न केवल फूलों की खेती बल्कि सब्जियों और बागवानी की नई तकनीकों के बारे में भी उपयोगी जानकारी दी। किसानों ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को बेहद लाभकारी बताते हुए पंतनगर विश्वविद्यालय और सभी वैज्ञानिकों का आभार व्यक्त किया।

 

कार्यक्रम के अंत में यह साफ संदेश सामने आया कि यदि किसान इस प्रकार की आधुनिक तकनीकों को अपनाते हैं तो भविष्य में उन्हें आर्थिक मजबूती और रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।

 

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