किशोरियों की नेतृत्व क्षमता को नई उड़ान: प्रोजेक्ट दिशा के तहत फ्रिस्बी टूर्नामेंट का आयोजन
बागेश्वर जिले के गरुड़ ब्लॉक के भूकुखोला क्षेत्र में आज प्रोजेक्ट दिशा के अंतर्गत एक प्रेरणादायी और उद्देश्यपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें किशोरियों द्वारा फ्रिस्बी खेल का आयोजन कर नेतृत्व, समानता और सामूहिक विकास का सशक्त संदेश दिया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन चरखा संस्था द्वारा किया गया, जो पिछले चार वर्षों से बागेश्वर जनपद में निरंतर सामाजिक और शैक्षिक विकास के लिए कार्य कर रही है।

कार्यक्रम की शुरुआत में चरखा संस्था की डिस्ट्रिक्ट मैनेजर नीलम ने सभी अतिथियों और ग्रामीणों का स्वागत करते हुए संस्था के कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चरखा संस्था वर्तमान में बागेश्वर जिले के गरुड़ और कपकोट ब्लॉक में कुल 40 गांवों में सक्रिय रूप से कार्य कर रही है, जहां किशोरियों और महिलाओं के साथ मिलकर उनके आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और संवाद कौशल को मजबूत किया जा रहा है।
नीलम ने कहा कि चरखा संस्था केवल उत्तराखंड तक सीमित नहीं है, बल्कि बिहार, राजस्थान, जम्मू कश्मीर और लद्दाख जैसे दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में भी किशोरियों और युवाओं की नेतृत्व क्षमता को सशक्त बनाने का कार्य कर रही है। संस्था का मुख्य उद्देश्य यही है कि दूर दराज के इलाकों में रहने वाले लोग अपनी आवाज, अपनी सफलताएं और अपनी चुनौतियां स्वयं सामने रखें और नीति निर्माण से जुड़े लोगों तक अपनी बात पहुंचा सकें।

कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि चरखा संस्था लेखन, एनीमेशन, पपेट्री, फोटोग्राफी, कला और थिएटर जैसे संवाद के विभिन्न माध्यमों से लड़कियों को अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने का प्रशिक्षण देती है। इसी क्रम में फ्रिस्बी खेल को भी एक महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में अपनाया गया है, जो समानता और सहयोग पर आधारित मिश्रित खेल है।
फ्रिस्बी खेल की विशेषता पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि इसमें कोई रेफरी नहीं होता, बल्कि खिलाड़ी स्वयं नियमों का पालन करते हुए खेल का संचालन करते हैं। खेल के बाद स्पिरिट सर्कल का आयोजन किया जाता है, जिसमें दोनों टीमों के खिलाड़ी एक साथ बैठकर खेल पर चर्चा करते हैं, एक दूसरे की सराहना करते हैं और खेल को और बेहतर बनाने के सुझाव साझा करते हैं। यह प्रक्रिया बच्चों में संवाद, सम्मान और सामूहिक सोच को बढ़ावा देती है।
कार्यक्रम में बच्चों द्वारा अनेक खेल गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें किशोरियों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष शोभा आर्य, ब्लॉक प्रमुख किशन बोरा, वजूला भाजपा मंडल अध्यक्ष डीके जोशी, शिक्षक मोहन जोशी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अतिथियों ने किशोरियों के आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता की सराहना की और ऐसे आयोजनों को समाज के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।
नीलम ने अपने संबोधन में यह भी बताया कि पिछले चार वर्षों में किशोरियों के लेखन और संवाद के माध्यम से कई गांवों में सड़क निर्माण, नेटवर्क सुविधा, शौचालय, बिजली, पानी की टंकियां, नालियां और अन्य बुनियादी सुविधाएं संभव हो पाई हैं। इसके साथ ही चरखा संस्था द्वारा लड़कियों को कंप्यूटर शिक्षा दी गई, और आज वही लड़कियां अपने गांवों में निःशुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण दे रही हैं। वर्तमान में जिले में 13 दिशा गृह संचालित हैं, जहां हर रविवार लड़कियां बच्चों को कंप्यूटर सिखा रही हैं।
उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में 1600 से अधिक किशोरियां और 800 से अधिक महिलाएं चरखा संस्था से जुड़ी हुई हैं और गांवों में अभिभावकों के साथ नियमित बैठकें भी आयोजित की जाती हैं, ताकि बच्चों के समग्र विकास के लिए सामूहिक प्रयास किए जा सकें।
कार्यक्रम का समापन सकारात्मक माहौल और उत्साह के साथ हुआ, जहां खेल के माध्यम से सीख, समानता और नेतृत्व का संदेश स्पष्ट रूप से देखने को मिला। प्रोजेक्ट दिशा के तहत आयोजित यह फ्रिस्बी टूर्नामेंट किशोरियों के समग्र विकास की दिशा में एक सशक्त और प्रेरक पहल के रूप में सामने आया।





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