पानी से लेकर गुलदार तक, तहसील दिवस में हर मुद्दे पर हुई सीधी बात
रिपोर्ट भगवत नेगी, मेरा हक न्यूज़
बागेश्वर जिले के गरुड़ तहसील में आज पहली बार उपजिलाधिकारी वैभव कांडपाल की अध्यक्षता में आज तहसील दिवस का आयोजन किया गया। इस तहसील दिवस में क्षेत्र की जमीनी समस्याओं को गंभीरता से सुना गया और संबंधित विभागों को मौके पर ही आवश्यक निर्देश दिए गए। कार्यक्रम में तहसीलदार निशा रानी, नायब तहसीलदार भूपाल गिरी, खंड विकास अधिकारी बी बी जोशी, थानाध्यक्ष कैलाश बिष्ट सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

तहसील दिवस के दौरान जल जीवन मिशन से जुड़ी समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं। ज्येष्ठ प्रमुख नंदन थापा ने योजना के क्रियान्वयन से संबंधित मुद्दे उठाए। वहीं शिकायतकर्ता दिनेश नेगी ने गुलदार की सक्रियता और उससे ग्रामीणों में बढ़ते भय को लेकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने शवदाह स्थल पर बकरी की खाल डाले जाने की घटनाओं का भी जिक्र किया, जिससे जंगली जानवरों की आवाजाही बढ़ने की आशंका जताई गई।

क्षेत्रीय समस्याओं को रखते हुए कोट वाली मार्ग की नालियों की बदहाल स्थिति, गरुड़ गंगा में फैलते कूड़े, सड़क किनारे अव्यवस्थित रूप से खड़ी गाड़ियों और लाइट में लो वोल्टेज की समस्या भी उठाई गई। इन विषयों पर उपजिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि नालियों की नियमित सफाई कराई जाए और विद्युत आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाए।
वरिष्ठ पत्रकार हरीश जोशी ने क्षेत्र में बंदरों की बढ़ती समस्या को गंभीर बताते हुए कहा कि इससे खेती और आमजन का जीवन प्रभावित हो रहा है। राजस्व निरीक्षकों ने भी अपने अपने क्षेत्रों से जुड़ी कुल 10 समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं। इसके साथ ही अस्पताल से संबंधित विषयों पर भी चर्चा हुई, जहां उपजिलाधिकारी ने स्टॉक रजिस्टर की नियमित जांच के निर्देश दिए। इस संबंध में डॉक्टर हरेंद्र को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।
पिछले तहसील दिवसों में उठाई गई समस्याओं की समीक्षा करते हुए जाखेडा मार्ग की स्थिति पर भी चर्चा हुई। सड़क की खराब हालत को लेकर उपजिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी जूनियर इंजीनियरों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क से जुड़ी समस्याओं का जल्द समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही कहा गया कि कहीं भी भूस्खलन की स्थिति सामने आती है तो उस पर तुरंत संज्ञान लिया जाए और आवश्यक कार्रवाई की जाए।
जनता की ओर से शोबन सिंह ने पेयजल की गंभीर समस्या उठाई। उन्होंने बताया कि आधे इंच की पाइपलाइन के कारण 21 लोगों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। नवीन कुमार ने शराब की दुकानों पर ओवररेट बिक्री, बिजली और पानी की मांगों को लेकर शिकायत दर्ज कराई। वहीं नवीन गिरी ने विद्युत विभाग से जुड़ी समस्याओं को उठाया, जिस पर उपजिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल समाधान के आदेश दिए।
अखिल जोशी ने गोपाल बनवासी के घर को जाने वाले अवैध मार्ग को लेकर शिकायत दर्ज कराई। ग्राम पंचायतों में स्ट्रीट लाइट की खराब स्थिति को लेकर भी मुद्दा उठा, जिस पर एडीओ पंचायत को सुधार के निर्देश दिए गए। गिरीश कोरंगा ने तहसील परिसर में शौचालय और सोलर वाटर पंप की आवश्यकता बताई। ग्राम प्रधान संगठन अध्यक्ष त्रिलोक बुटोला ने किन्नरों द्वारा जबरदस्ती मांग की घटनाओं को लेकर शिकायत रखी, जिस पर प्रशासन ने संज्ञान लेने की बात कही। लघु सिंचाई विभाग से जुड़े एक मामले में कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए।
इस तहसील दिवस में कुल 16 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें 10 शिकायतें सीधे जनता द्वारा और 6 शिकायतें राजस्व उप निरीक्षकों द्वारा प्रस्तुत की गईं। उपजिलाधिकारी वैभव कांडपाल ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि जनता की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध समाधान किया जाए और भविष्य में ऐसी शिकायतें दोबारा न आएं, इसके लिए ठोस कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। तहसील दिवस के माध्यम से प्रशासन और जनता के बीच संवाद को मजबूत करने की दिशा में यह बैठक महत्वपूर्ण साबित हुई।





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