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परंपरा संस्कृति और उत्साह के संग भव्य रूप से शुरू हुआ ऐतिहासिक मेला

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परंपरा संस्कृति और उत्साह के संग भव्य रूप से शुरू हुआ ऐतिहासिक मेला

रिपोर्ट भगवत नेगी
मेरा हक न्यूज़ में आपका स्वागत है। पहाड़ की परंपरा संस्कृति और लोक आस्था का प्रतीक ऐतिहासिक उत्तरायणी मेला मंगलवार को भव्य और उल्लासपूर्ण माहौल के बीच शुरू हुआ। जैसे ही पारंपरिक सांस्कृतिक झांकी नगर की सड़कों पर निकली वैसे ही ढोल दमाऊं की गूंज और छोलियारों के जोशीले नृत्य ने पूरे वातावरण को लोकसंस्कृति के रंग में रंग दिया। यह शुभारंभ केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं बल्कि कुमाऊं की जीवंत परंपराओं और सामूहिक सांस्कृतिक चेतना का उत्सव बनकर सामने आया।

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सांस्कृतिक झांकी को जिला पंचायत अध्यक्ष शोभा आर्या विधायक पार्वती दास कपकोट विधायक सुरेश गढ़िया दर्जा राज्यमंत्री शिव सिंह बिष्ट दर्जा राज्यमंत्री भूपेश उपाध्याय जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर. घोड़के नगर पालिका अध्यक्ष सुरेश खेतवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। झांकी तहसील परिसर से प्रारंभ होकर नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए नुमाइशखेत मैदान तक पहुंची जहां लोगों ने पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का उत्साह के साथ स्वागत किया।
झांकी की अगुवाई संस्कृति और विजय के प्रतीक निषाण के साथ की गई। इसके बाद छोलियारों के दल ने अपने पारंपरिक नृत्य से लोगों का मन मोह लिया। ढोल दमाऊं की थाप पर झूमते कलाकारों ने यह संदेश दिया कि उत्तरायणी केवल एक मेला नहीं बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही सांस्कृतिक विरासत है। राबाइंका बागेश्वर की कलश यात्रा ने धार्मिक और सांस्कृतिक समरसता का सुंदर दृश्य प्रस्तुत किया।
इस भव्य झांकी में जिले के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। न्यू सैनिक जूहा स्कूल हिमालयन सेंट्रल स्कूल राइंका मंडलसेरा विवेकानंद विद्या मंदिर महर्षि विद्या मंदिर बिलौना आनंदी एकेडमी सेंट जोजफ थूनाई गायत्री विद्या मंदिर हिमालयन चिल्ड्रन एकेडमी कंट्रीवाइड पब्लिक स्कूल सैनिक हाईस्कूल सरस्वती शिशु मंदिर चौरासी नेशनल मिशन स्कूल और राइंका सैलानी के विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से सामाजिक संदेशों के साथ देश के विभिन्न प्रांतों की सांस्कृतिक झलक दिखाई। जौहार सांस्कृतिक समिति तथा मदकोट के नगाड़े ने भी झांकी में विशेष आकर्षण जोड़ा और दर्शकों की खूब सराहना बटोरी।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी एन एस नबियाल मुख्य विकास अधिकारी आर सी तिवारी उपजिलाधिकारी एवं मेलाधिकारी प्रियंका रानी सहित अनेक अधिकारी जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। सभी ने इस आयोजन को पहाड़ की संस्कृति के संरक्षण और नई पीढ़ी तक उसे पहुंचाने का सशक्त माध्यम बताया।
उत्तरायणी मेले का औपचारिक उद्घाटन प्रदेश के केबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा द्वारा किया गया। उद्घाटन समारोह में प्रदेश महामंत्री भाजपा कुंदन परिहार दर्जा राज्यमंत्री भूपेश उपाध्याय दर्जा राज्यमंत्री शिव सिंह बिष्ट बागेश्वर विधायक पार्वती दास कपकोट विधायक सुरेश गढ़िया नगर पालिका अध्यक्ष सुरेश खेतवाल जिला पंचायत अध्यक्ष शोभा आर्या सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने सहभागिता की। उद्घाटन के बाद मंत्री ने मेले में लगी विभिन्न प्रदर्शनी का अवलोकन किया और आयोजकों के प्रयासों की सराहना की।
यह ऐतिहासिक मेला आज से 20 जनवरी तक चलेगा जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ साथ स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी और विभिन्न सामाजिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। उत्तरायणी मेला हर वर्ष की तरह इस बार भी क्षेत्रीय एकता सांस्कृतिक गौरव और परंपराओं को जीवंत रखने का संदेश दे रहा है और जनसैलाब इसकी सफलता का प्रमाण बनता नजर आ रहा है।

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