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मौत की खाई में समा गई जिंदगी: पिथौरागढ़ में मैक्स वाहन हादसे में 8 की दर्दनाक मौत

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आज की ये खबर दिल दहला देने वाली है, उत्तराखंड के पिथौरागढ़ ज़िले से एक दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है। मंगलवार शाम लगभग साढ़े पांच बजे एक मैक्स वाहन गहरी खाई में जा गिरा, जिससे 8 लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। हादसा पिथौरागढ़ के मुवानी क्षेत्र में सुनी पुल के पास हुआ, जहां यह वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिर गया।

 

जानकारी के अनुसार यह मैक्स गाड़ी मंसियारी से बोकटा गांव की ओर जा रही थी और उसमें कुल 13 लोग सवार थे, जिनमें महिलाएं, पुरुष और तीन स्कूली बच्चे भी शामिल थे। हादसे के वक्त गाड़ी मात्र कुछ ही दूरी पर थी जब ड्राइवर का वाहन पर नियंत्रण बिगड़ गया और गाड़ी सीधी लगभग 150 मीटर गहरी खाई में जा गिरी, जो नीचे नदी से भरी हुई थी।

 

घटनास्थल पर स्थानीय लोग सबसे पहले पहुंचे और उन्होंने ही प्रशासन और आपात सेवाओं को सूचना दी। एसपी रेखा यादव, राजस्व विभाग और आपदा राहत टीमें मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। बचाव कार्य में स्थानीय लोगों की भूमिका बेहद सराहनीय रही। लेकिन खाई की गहराई और बहते पानी के कारण राहत कार्य में खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

 

हादसे में 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जिनमें तीन स्कूली बच्चे, दो महिलाएं और तीन अन्य लोग शामिल हैं। इसके अलावा कम से कम 5 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को मुवानी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया गया है और जिनकी हालत गंभीर है, उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया है।

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस ह्रदयविदारक दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगतों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोकसंतप्त परिवारों के प्रति संवेदनाएं प्रकट की हैं। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था की जाए और हादसे की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए।

 

यह हादसा पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करता है। संकरी सड़कों, कमजोर सुरक्षा दीवारों और बरसात में फिसलन की वजह से ऐसे हादसे आम होते जा रहे हैं। ज़रूरत है कि सरकार और प्रशासन इन पहाड़ी इलाकों में यातायात के सुरक्षित साधनों की व्यवस्था सुनिश्चित करे और समय रहते ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोके।

 

फिलहाल पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। गांव के लोग सदमे में हैं और मृतकों के घरों में कोहराम मचा हुआ है। प्रशासन ने मृतकों के परिवारों को शीघ्र आर्थिक सहायता देने की बात कही है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर राहत कब पहुंचेगी, यह देखना बाकी है।

 

मेरा हक न्यूज़ पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता है और सरकार से अपील करता है कि इस तरह की घटनाओं से सबक लेकर समय रहते पहाड़ी क्षेत्रों की सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता दे, ताकि किसी और परिवार को ऐसा दुख न झेलना पड़े।

 

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