तहसील में अचानक पहुंचीं जिलाधिकारी… और फिर जो हुआ उसने सबको चौंका दिया
रिपोर्ट भगवत नेगी, मेरा हक न्यूज़
आज बागेश्वर जिले से प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़ी एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरे क्षेत्र में चर्चा तेज कर दी है। जब जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे अचानक तहसील के निरीक्षण पर पहुंचीं, तो वहां की कार्य व्यवस्था देखकर उन्होंने सख्त रुख अपना लिया और तुरंत कई बड़े निर्देश जारी कर दिए।
गुरुवार को जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने तहसील कांडा का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यालय की कार्य प्रणाली, अभिलेखों के रखरखाव और कर्मचारियों की उपस्थिति की गहन जांच की। निरीक्षण के दौरान कई अनियमितताएं सामने आईं, जिस पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की और जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने उपस्थिति पंजिका, डिस्पैच रजिस्टर और पत्र प्राप्ति रजिस्टर सहित कई महत्वपूर्ण अभिलेखों का परीक्षण किया। जांच में कार्यालयीय कार्यों में लापरवाही और कुछ कर्मचारियों की अनुपस्थिति पाई गई। इस पर जिलाधिकारी ने सख्त कदम उठाते हुए तहसीलदार से लेकर तहसील कांडा के अनुपस्थित कर्मचारियों के वेतन आहरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के निर्देश दे दिए।

इसके बाद जिलाधिकारी ने तहसील परिसर में बने कंट्रोल रूम का भी निरीक्षण किया। यहां व्यवस्थाएं संतोषजनक नहीं पाई गईं और कंट्रोल रूम का फोन भी काम नहीं कर रहा था। इस स्थिति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए तुरंत व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। साथ ही ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड कर्मियों के संबंध में भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान प्रभारी तहसीलदार के कार्यालय में देर से पहुंचने की जानकारी भी सामने आई। इस पर जिलाधिकारी ने असंतोष व्यक्त करते हुए उनके वेतन पर रोक लगाने और स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
आरके सेक्शन में अभिलेखों की जांच करते हुए जिलाधिकारी ने विभिन्न पंजीकाओं का अवलोकन किया और आपदा मद में वितरित धनराशि से संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की। इसके साथ ही जीपीएफ और सेवा पुस्तिकाओं के संधारण की स्थिति की समीक्षा की गई।
दस्तावेजों का समुचित संधारण न होने पर जिलाधिकारी ने बिलों और भुगतान से जुड़े अभिलेखों की भी गहन जांच की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इसके अलावा अलाव के लिए उपयोग में लाई गई लकड़ी और कंबल वितरण से संबंधित बिलों का भी परीक्षण किया गया।
जिलाधिकारी ने पेशकार से केस डायरी का अवलोकन करते हुए सभी लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं तहसील परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं पाई गई, जिस पर संबंधित अधिकारियों को तुरंत सुधार करने को कहा गया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने तहसील परिसर के पास निर्माणाधीन न्यायालय भवन और आवासीय भवन की प्रगति का भी जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य की गुणवत्ता बनाए रखते हुए निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने साफ शब्दों में कहा कि शासकीय कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और आमजन को समयबद्ध तथा पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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