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आईटीआर फाइलिंग की आख़िरी तारीख थी आज, वेबसाइट धीमी होने की वजह से लोगों ने की 15 दिन की और बढ़ोतरी की मांग

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रिपोर्ट – भगवत नेगी , मेरा हक़ न्यूज़

आज, 15 सितंबर 2025 को इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फ़ाइल करने की अंतिम तारीख थी। लेकिन सुबह से देश भर में अनेक करदाता और पेशेवर कर सलाहकार (CAs) ट्वीटर और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर शिकायत कर रहे हैं कि ITR ई-फाइलिंग पोर्टल बेहद धीमा है, कई जगहों पर ठीक से काम नहीं कर रहा, फॉर्म अपलोड और वेरिफिकेशन प्रक्रियाएँ अटक रही हैं,

लोगों की शिकायतें और कारण:

  • वेबसाइट स्लो लोड हो रही है, पेज खुलने में देरी हो रही है, कुछ मामलों में लॉगिन या दस्तावेज़ डाउनलोड करना मुश्किल हो रहा है।

  • Form 26AS, AIS / TIS डॉक्युमेंट डाउनलोड, रिटर्न सबमिशन एवं वेरिफिकेशन जैसी ज़रूरी सुविधाएँ प्रभावित हैं।

  • कर सलाहकारों और व्यवसायियों ने कहा है कि पोर्टल की इन परेशानियों की वजह से समय बहुत ज़्यादा लग रहा है, और कई लोगों के पास पूरा डेटा तैयार करने का समय नहीं है।


सरकार की प्रतिक्रिया:

सरकार और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने आधिकारिक रूप से स्पष्ट किया है कि 15 सितंबर 2025 की तारीख अंतिम है और कोई और विस्तार नहीं किया गया है। 
सूचना और विनियामक निकायों ने कहा है कि जिन लोगों को तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है, वे अपनी स्थिति को निर्धारित अधिकारियों को रिपोर्ट करें।


करदाताओं की मांग:

जिन लोगों ने ITR नहीं भरा है और जो तकनीकी समस्याएँ झेल रहे हैं, उनका कहना है कि सरकार को कम से कम 15 और दिन की समय सीमा बढ़ा देनी चाहिए, ताकि:

  1. पोर्टल glitches दूर हों

  2. लोग समय से डेटा तैयार कर सकें

  3. दंड और ब्याज की समस्या से बचा जा सके

कई पेशेवर संस्थाएँ जैसे कि Chartered Accountants की यूनिट्स, टैक्स सलाहकार, व्यावसायिक संगठन इस मांग को उठा रहे हैं और सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की अपील कर रहे हैं।


क्या वाकई विस्तार संभव है?

विभिन्न समाचार स्रोतों और विशेषज्ञों के अनुसार:

  • पहले ही ITR की मूल अंतिम तिथि 31 जुलाई थी, जिसे बाद में 15 सितंबर तक बढ़ाया गया।

  • अभी तक सरकार या CBDT की ओर से कोई आधिकारिक आदेश नहीं आया है कि तिथि को फिर से बढ़ाया जाए

  • यदि विस्तार किया भी जाए, तो उसे अधिसूचित करना पड़ेगा, ताकि सभी करदाता समय रहते इसकी जानकारी पा सकें।


ITR पोर्टल की स्लो स्पीड और तकनीकी परेशानियों ने आज बहुत से करदाताओं को प्रभावित किया है। इसलिए सरकार पर दबाव है कि वह कम से कम 15 दिन की अवधि बढ़ाए, ताकि सभी को न्याय मिले। लेकिन फिलहाल तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है कि अंतिम तिथि बदली जाएगी।

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