खुलासा ऐसा कि दवा लेने से पहले अब हर किसी को सोचना पड़ेगा, औचक निरीक्षण में मेडिकल स्टोर्स पर बड़ी कार्रवाई से मचा हड़कंप
रिपोर्ट भगवत नेगी, मेरा हक न्यूज
मेरा हक न्यूज़ में आपका स्वागत है आज की इस बड़ी खबर में बात हो रही है स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े एक ऐसे सख्त कदम की जिसने आम लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है और साथ ही मेडिकल स्टोर्स संचालकों में भी हलचल पैदा कर दी है जहां प्रशासन ने जनस्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कड़ा एक्शन लिया है

जिलाधिकारी आकांक्षा कोंड़े के निर्देश पर जनस्वास्थ्य की सुरक्षा और दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से औषधि निरीक्षक पूजा रानी द्वारा बैजनाथ, गागरीगोल और मन्यूडा क्षेत्र में स्थित मेडिकल स्टोर्स का सघन औचक निरीक्षण किया गया इस निरीक्षण का मकसद यह था कि लोगों को मिलने वाली दवाएं पूरी तरह सुरक्षित, प्रभावी और तय मानकों के अनुरूप हों
निरीक्षण के दौरान औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम 1940 और नियमावली 1945 के तहत निर्धारित नियमों का गहराई से परीक्षण किया गया इसमें दवाओं के भंडारण का तरीका, उनकी आपूर्ति और वितरण व्यवस्था, लाइसेंस की शर्तों का पालन और रिकॉर्ड मेंटेनेंस जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को तकनीकी तरीके से जांचा गया
जांच के दौरान जो तस्वीर सामने आई वह काफी चौंकाने वाली थी दो मेडिकल स्टोर्स में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं जिनमें सीसीटीवी सिस्टम का बंद होना, बिना पंजीकृत फार्मासिस्ट के दवाओं की बिक्री, एक्सपायर्ड दवाओं का गलत तरीके से रखा जाना, खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड का मौके पर सत्यापन न होना, दवाओं को तय तापमान पर न रखना और साफ-सफाई की कमी जैसी कई बड़ी खामियां शामिल थीं
इन सभी अनियमितताओं को लाइसेंस की शर्तों का सीधा उल्लंघन माना गया और यह भी स्पष्ट हुआ कि मानक संचालन प्रक्रिया यानी एसओपी का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा था ऐसे में जनस्वास्थ्य पर संभावित जोखिम को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत सख्त कदम उठाते हुए दोनों मेडिकल स्टोर्स पर दवाओं के क्रय-विक्रय पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया
यह प्रतिबंध तब तक जारी रहेगा जब तक संबंधित प्रतिष्ठान अपने स्तर पर सभी कमियों को दूर कर संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं देते और नियमों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित नहीं करते
इसके अलावा निरीक्षण के आधार पर एक मेडिकल स्टोर के खिलाफ अत्यंत गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए उसके लाइसेंस को निरस्त करने की संस्तुति की गई है वहीं एक अन्य स्टोर के लाइसेंस को निलंबित करने की भी संस्तुति की गई है जिससे साफ संकेत मिल रहा है कि नियमों के साथ किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी
औषधि विभाग ने भी साफ कर दिया है कि दवाओं के निर्माण से लेकर उनके भंडारण, वितरण और बिक्री तक हर स्तर पर वैज्ञानिक और नियामक मानकों का पालन अनिवार्य है और यदि कहीं भी लापरवाही पाई जाती है तो उसके खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी
इस कार्रवाई से एक तरफ जहां आम लोगों में भरोसा बढ़ा है कि उनकी सेहत को लेकर प्रशासन गंभीर है वहीं मेडिकल स्टोर संचालकों को भी यह स्पष्ट संदेश मिल गया है कि नियमों का पालन करना अब विकल्प नहीं बल्कि अनिवार्यता है





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