बैजनाथ क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ दो शातिर युवकों ने एक मासूम युवक के साथ मारपीट कर उसका मोबाइल फोन लूट लिया। लेकिन पुलिस की तत्परता और सख़्त कार्यवाही ने इन अपराधियों को ज्यादा समय तक आज़ाद नहीं घूमने दिया। बैजनाथ पुलिस ने महज़ कुछ ही घंटों में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा कर दिया है।
ये घटना 20 जुलाई 2025 की सुबह की है, जब ग्राम सिल्ली निवासी विजेंद्र सोलंकी के बेटे समीर रोज़ की तरह दौड़ने के लिए घर से निकले थे। लेकिन बैजनाथ मंदिर पुल से कुछ आगे बढ़ते ही दो बाइक सवार युवकों ने अचानक उन पर हमला कर दिया। पहले तो समीर को बुरी तरह पीटा गया, फिर उनका कीमती मोबाइल फोन छीनकर दोनों आरोपी फरार हो गए। घबराए परिजनों ने तुरंत थाना बैजनाथ में घटना की सूचना दी। पुलिस ने वादी की तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर घोडके ने घटना का संज्ञान लेते हुए तत्काल इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपाधीक्षक अजय साह के पर्यवेक्षण में एक विशेष टीम गठित की। टीम में विवेक भट्ट, कांस्टेबल घनश्याम सिंह रौतेला, नरेंद्र राणा, नरेंद्र कुमार और मनोज राम को शामिल किया गया।
पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए संदिग्धों की जानकारी जुटाई और फिर कुछ ही घंटों के भीतर दोनों आरोपियों को धर दबोचा। गिरफ्तार किए गए युवकों के नाम हैं—19 वर्षीय हर्षित लोहानी निवासी ग्राम दर्शानी और 20 वर्षीय राजू थापा उर्फ अर्जुन निवासी टानीखेत बाजार, दोनों बैजनाथ थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं।
पुलिस ने इन अभियुक्तों के पास से लूटा गया पीड़ित का मोबाइल फोन बरामद कर लिया है, जिसकी कीमत करीब 25 हजार रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा जिस मोटरसाइकिल का प्रयोग वारदात में किया गया था, उसे भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। वह मोटरसाइकिल यूके 04 एच 5478 नंबर की बजाज पल्सर है।
फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक धाराओं में केस दर्ज कर लिया है और आगे की वैधानिक कार्यवाही जारी है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से इलाके में कानून व्यवस्था पर आम लोगों का भरोसा और मजबूत हुआ है।
इस पूरी कार्रवाई में पुलिस की चुस्त कार्यप्रणाली और त्वरित रिस्पॉन्स वाकई सराहनीय है। थाना बैजनाथ की पुलिस टीम ने जिस जिम्मेदारी और तत्परता से काम किया है, वह बाक़ी थाना क्षेत्रों के लिए भी एक मिसाल है।
यह खबर पुलिस की सख़्त निगरानी और मुस्तैदी का प्रमाण है कि अपराध चाहे जितना भी छोटा या बड़ा क्यों न हो, कानून के हाथ लंबे होते हैं और अपराधियों को जल्द ही उनके अंजाम तक पहुंचाया जाता है।





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