चौरसों में वर्मी कंपोस्ट प्रशिक्षण आयोजित, जैविक खेती और स्वरोजगार पर दिया गया जोर
गरुड़/बागेश्वर। जन शिक्षण संस्थान, बागेश्वर द्वारा व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत ग्राम पंचायत चौरसों में वर्मी कंपोस्ट उत्पाद प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में जैविक खेती को बढ़ावा देना, किसानों की आय में वृद्धि करना तथा रासायनिक खाद पर निर्भरता कम करना रहा।

प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर चंद्रशेखर पांडे ने प्रतिभागियों को वर्मी कंपोस्ट तैयार करने की संपूर्ण प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने केंचुआ खाद बनाने की विधि, उपयुक्त कच्चे माल के चयन, गड्ढा निर्माण, खाद की देखभाल तथा इसके उपयोग से होने वाले लाभों के बारे में विस्तार से बताया।
उन्होंने कहा कि वर्मी कंपोस्ट के उपयोग से मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है, फसलों की गुणवत्ता में सुधार होता है तथा कृषि उत्पादन को अधिक टिकाऊ बनाया जा सकता है। साथ ही इसे कम लागत में घर पर तैयार कर ग्रामीण परिवार अतिरिक्त आय और स्वरोजगार का साधन भी बना सकते हैं।
जन शिक्षण संस्थान की चंदू नेगी ने बताया कि संस्थान समय-समय पर ऐसे कौशल विकास एवं स्वरोजगार आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी विभिन्न रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिया, गायत्री, जानकी देवी, मेघा, शीला, मनीष, विजय कुमार सहित कुल 15 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए इसे खेती और आजीविका के लिए लाभकारी बताया।
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