
क्या आपने कभी सोचा है कि एक छोटी सी पहल, हज़ारों महिलाओं की ज़िंदगी बदल सकती है? उत्तराखंड की पर्वतीय ज़मीन पर अब महिलाएं सिर्फ घर की चौखट तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अब वो अपने हुनर से अपने घर, समाज और राज्य की तस्वीर बदल रही हैं। और इस परिवर्तन की अगुवाई कर रही हैं – राज्य महिला उद्यमिता परिषद की अध्यक्ष, रेनू अधिकारी।
रेनू अधिकारी ने बागेश्वर स्थित जिला उद्योग केन्द्र का दौरा कर वहां चल रही महिला केंद्रित योजनाओं की गहराई से समीक्षा की। उन्होंने न केवल कागज़ों पर योजनाओं की प्रगति देखी, बल्कि ज़मीन पर उतरी महिलाओं से सीधा संवाद कर उनकी कहानियों को सुना, समझा और सराहा।
उनका एक ही संदेश था – “हर महिला को मिलेगा समाधान भी, और समर्थन भी।” उन्होंने साफ़ कहा कि राज्य सरकार महिला उद्यमिता को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रख रही है और उनके सामने आने वाली हर चुनौती का समाधान खोजा जाएगा।
रेनू अधिकारी ने
महिलाओं से बात की, उनके बनाए उत्पादों को देखा और भरोसा दिलाया कि इन उत्पादों को बाज़ार तक पहुँचाने के लिए हरसंभव मदद की जाएगी। उनका मानना है कि अगर महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होंगी, तो पूरा समाज मजबूत होगा।
इस महत्वपूर्ण मौके पर जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक चंद्रमोहन, प्रबंधक अमित सिंह रावत, जन शिक्षण संस्थान के निदेशक जितेन्द्र तिवारी, हिम संवाद के अध्यक्ष संतोष फुलेरा और स्वरोजगार योजनाओं से जुड़े लाभार्थी भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में शामिल महिला उद्यमियों ने खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि सरकार की योजनाओं से उन्हें नया आत्मविश्वास मिला है और अब वे खुद को एक सफल व्यवसायी के रूप में देख रही हैं।
रेनू अधिकारी ने अंत में सभी महिलाओं को एक प्रेरणादायक संदेश दिया –
“आत्मनिर्भर भारत का सपना तभी साकार होगा, जब हमारी महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी।”
उत्तराखंड की ये तस्वीर बताती है कि जब नीति और नीयत मिलती है, तो नतीजे भी नायाब होते हैं। रेनू अधिकारी जैसी नेतृत्वकारी महिलाओं के चलते अब उत्तराखंड की बेटियां सिर्फ सपने नहीं देखतीं, उन्हें सच भी कर दिखाती हैं।
अगर आप भी किसी महिला को जानते हैं जो कुछ अलग करना चाहती है, तो ये खबर उसके लिए उम्मीद की एक किरण हो सकती है।





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