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बागेश्वर पुलिस का सुरक्षित बचपन और डिजिटल साक्षरता अभियान, 500 से अधिक पम्पलेट बांटकर ग्रामीणों को किया जागरूक

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बागेश्वर पुलिस का सुरक्षित बचपन और डिजिटल साक्षरता अभियान, 500 से अधिक पम्पलेट बांटकर ग्रामीणों को किया जागरूक

Report- Vaishnavi

बैजनाथ, कपकोट और झिरौली पुलिस ने स्कूलों व दुर्गम गांवों में चलाया जागरूकता अभियान, साइबर ठगी से बचाव और सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद के बताए कानूनी अधिकार

बागेश्वर। बच्चों की सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण और साइबर अपराधों की रोकथाम को लेकर बागेश्वर पुलिस ने जनपद के स्कूलों और दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र मेहरा (IPS) के निर्देशों पर बैजनाथ, कपकोट और झिरौली पुलिस टीमों ने विद्यार्थियों और ग्रामीणों को डिजिटल सुरक्षा, यातायात नियमों, महिला एवं बाल सुरक्षा और कानूनी अधिकारों की जानकारी दी। अभियान के दौरान 500 से अधिक जागरूकता पम्पलेट वितरित किए गए।

बैजनाथ पुलिस और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की संयुक्त टीम ने सेंट एडम्स सेकेंडरी स्कूल में विद्यार्थियों को ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, डिजिटल अरेस्ट और साइबर अपराधों से बचने के उपाय बताए। साथ ही यातायात नियमों का पालन करने और सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद के लिए गुड समेरिटन लॉ की जानकारी दी। पुलिस ने ग्रामीण क्षेत्रों में अकेले रह रहे बुजुर्गों से मुलाकात कर उनकी कुशलक्षेम भी जानी।

वहीं, कपकोट पुलिस ने थानाध्यक्ष प्रताप सिंह नगरकोटी के नेतृत्व में राजकीय इंटर कॉलेज सूपी में सुरक्षित बचपन अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें महिला अपराध, घरेलू हिंसा, बाल यौन शोषण, पॉक्सो एक्ट, नशे के दुष्प्रभाव और नए आपराधिक कानूनों की जानकारी दी गई। पुलिस टीम ने सूपी, पतिसार, बैछम, तरसाल और तलाई गांवों में पैदल गश्त कर ग्रामीणों से संवाद किया और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।

झिरौली पुलिस ने राजकीय इंटर कॉलेज काफलीगैर में विद्यार्थियों को फर्जी लिंक, संदिग्ध APK फाइल, सोशल मीडिया के दुरुपयोग और डिजिटल अरेस्ट के प्रति सतर्क किया। साथ ही हेलमेट, सीट बेल्ट और नाबालिगों के वाहन चलाने से जुड़े नियमों की जानकारी दी।

अभियान के दौरान साइबर ठगी की शिकायत के लिए हेल्पलाइन 1930, आपातकालीन सहायता के लिए 112 और महिला सुरक्षा के लिए 1090 की जानकारी दी गई। इसके अलावा गौरा शक्ति ऐप, पब्लिक आई ऐप और उत्तराखंड पुलिस ऐप के उपयोग के बारे में भी बताया गया।

पुलिस की इस पहल का उद्देश्य दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों तक सुरक्षा संबंधी जानकारी पहुंचाना, बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करना और आमजन को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक बनाना है।

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