
26 जुलाई, एक ऐसा दिन जो हर भारतवासी के हृदय में गर्व और सम्मान की भावना को जीवंत कर देता है। आज कारगिल विजय दिवस के अवसर पर पूरे देश की तरह बागेश्वर में भी मातृभूमि के लिए प्राण न्योछावर करने वाले वीर सपूतों को श्रद्धांजलि दी गई। तहसील परिसर स्थित शहीद स्मारक पर पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर घोडके ने उन शहीदों की स्मृति में पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने कारगिल युद्ध में दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देकर भारत की अखंडता और गौरव की रक्षा की थी।
इस अवसर पर सशस्त्र पुलिस की ओर से विशेष सरमोनियल गार्द द्वारा शहीदों को शोक सलामी दी गई। वह दृश्य हर देशभक्त की आंखों में आंसू और दिल में जोश ले आया। जैसे ही गार्द ने शस्त्र झुकाए, पूरे माहौल में एक भावनात्मक सन्नाटा छा गया — मानो प्रकृति भी अपने वीरों को नमन कर रही हो।
कारगिल विजय दिवस पर केवल श्रद्धांजलि ही नहीं दी गई, बल्कि प्रकृति के प्रति भी जिम्मेदारी का संदेश दिया गया। पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर घोडके ने जिला प्रशासन की टीम के साथ मिलकर तहसील परिसर में वृक्षारोपण किया। यह वृक्ष न केवल पर्यावरण की रक्षा करेंगे, बल्कि हर आने वाली पीढ़ी को यह याद दिलाएंगे कि देश की मिट्टी कितनी पवित्र है और इसे सुरक्षित रखना हम सबका कर्तव्य है।
इस देशभ
क्ति से ओतप्रोत कार्यक्रम में दर्जा राज्य मंत्री शिव सिंह बिष्ट, नगर पालिका अध्यक्ष सुरेश खेतवाल, जिलाधिकारी बागेश्वर, भूतपूर्व सैनिक, वरिष्ठ नागरिक, समाज के गणमान्य लोग, प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस विभाग के कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने एक सुर में शहीदों को नमन किया और उनके बलिदान को याद करते हुए राष्ट्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
कारगिल विजय दिवस केवल एक जीत की कहानी नहीं, यह आत्मबलिदान, साहस और मातृभूमि के प्रति अमिट प्रेम का प्रतीक है। बागेश्वर पुलिस और जिला प्रशासन का यह आयोजन हमें यह सिखाता है कि वीरों की शहादत को सिर्फ याद करना ही नहीं, बल्कि उसे जीना भी जरूरी है — हर रोज, हर सांस के साथ।
शहीदों को हमारी श्रद्धांजलि शब्दों से नहीं, कर्मों से दी जानी चाहिए। यही सच्ची देशभक्ति है।





Users Today : 0
Users Yesterday : 9
Users Last 7 days : 322