रिपोर्ट – भगवत नेगी मेरा हक न्यूज
बागेश्वर में 07 दिसंबर को मुख्यमंत्री धामी ने अपने दौरे के दूसरे दिन कपकोट स्थित केदारेश्वर मैदान में आयोजित विशाल जन सम्मेलन में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम की शुरुआत स्कूली बच्चों की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुई, जिसने पूरे वातावरण को उत्साहपूर्ण बना दिया। मुख्यमंत्री के आगमन पर उन्हें माल्यार्पण कर स्वागत किया गया और उपस्थित जनसमूह ने गर्मजोशी से उनका अभिवादन किया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 108 करोड़ रुपये की कुल 42 योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें 62 करोड़ रुपये की 24 योजनाएं लोकार्पित की गईं, जबकि 45 करोड़ 95 लाख रुपये की 18 योजनाओं का शिलान्यास किया गया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि जनता की इतनी बड़ी उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार विकास और पारदर्शिता के मार्ग पर तेज गति से आगे बढ़ रही है।
उन्होंने बताया कि गरीब वर्ग, महिलाओं और युवाओं के लिए चल रही कल्याणकारी योजनाएं लगातार बेहतर होती जा रही हैं। साथ ही ‘मानस खंड माला’ परियोजना के तहत धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विस्तृत सौंदर्यीकरण और संरक्षण पर भी सरकार गंभीरता से काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शीतकालीन पर्यटन को नई दिशा देने के लिए विशेष रणनीति बनाई गई है, जिससे पूरे वर्ष पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि होगी और स्थानीय लोगों के लिए नए रोजगार अवसर पैदा होंगे।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर दृढ़ता से कार्य कर रही है। वन डिस्ट्रिक्ट टू प्रोडक्ट योजना के तहत बागेश्वर की पारंपरिक ताम्र शिल्प कला को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल रही है। इसके साथ ही सरयू और गोमती नदियों के संरक्षण कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। बागेश्वर रेल लाइन का सर्वेक्षण पूरा हो चुका है और आने वाले समय में इससे जिले को व्यापक विकास गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री धामी ने यह भी घोषणा की कि गरुड़ अस्पताल का उच्चीकरण किया जाएगा, जिससे आमजन को बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। इसके अलावा विभिन्न स्वायत सहकारिता और स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय सहायता भी प्रदान की गई। हर्षिला के संकल्प स्वायत सहकारिता समूह सीएलएफ को 3 करोड़ 23 लाख रुपये, ऊर्जा स्वायत सहकारिता सीएलएफ को 22 लाख 50 हजार रुपये तथा एनआरएलएम के संवाद महिला स्वयं सहायता समूह और जय गोलू देवता समूह को 5-5 लाख रुपये के चेक सौंपे गए।
कार्यक्रम स्थल पर कृषि, उद्यान, रेशम, सहकारिता, ग्राम्य विकास, महिला सशक्तिकरण, डेयरी, पशुपालन और उद्योग विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉलों पर लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई। मुख्यमंत्री ने सभी विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया, स्थानीय हस्तशिल्पकारों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना।





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