सख्ती भी, समझाइश भी – सुरक्षित सड़कों की ओर बागेश्वर का मजबूत कदम
रिपोर्ट भगवत नेगी
मेरा हक न्यूज़ में आपका स्वागत है। सड़क पर चलना सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है। इसी जिम्मेदारी को मजबूत करने के लिए बागेश्वर जनपद में सड़क सुरक्षा को लेकर लगातार सख्त और जागरूकता आधारित कदम उठाए जा रहे हैं। राज्य में हो रही सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई निरंतर जारी है।
बागेश्वर जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी के निर्देशन में सघन चेकिंग अभियान और रात्रि चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं। दिसंबर माह 2025 में कुल 341 चालान किए गए, जबकि 17 वाहनों को परिवहन कार्यालय बागेश्वर में निरुद्ध किया गया। इन मामलों में निजी वाहनों का व्यावसायिक उपयोग और नशे की हालत में वाहन संचालन जैसे गंभीर उल्लंघन सामने आए, जिन पर तत्काल कार्रवाई करते हुए दो वाहनों को कार्यालय में निरुद्ध किया गया।
ओवरलोडिंग करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध भी सख्त प्रवर्तन कार्रवाई की जा रही है। ऐसे मामलों में न केवल चालान किए जा रहे हैं, बल्कि लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया भी अपनाई जा रही है। इसका उद्देश्य साफ है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को स्पष्ट संदेश मिले और सड़कों पर अनुशासन बना रहे।
सड़क सुरक्षा केवल चालान तक सीमित नहीं है। जनपद में संचालित एम्बुलेंसों की फिटनेस, विभागीय वाहनों के दस्तावेजों और अन्य आवश्यक कागजातों की भी गहन जांच की जा रही है, ताकि आपात स्थिति में किसी प्रकार की लापरवाही न हो और सेवाएं पूरी तरह सुरक्षित व भरोसेमंद रहें।
नववर्ष के अवसर पर परिवहन विभाग ने पुलिस और प्रशासन के साथ मिलकर गरुड़ क्षेत्र में संयुक्त चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान सड़क सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले 40 वाहन चालकों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई की गई। यह अभियान सिर्फ सख्ती नहीं, बल्कि नए साल में सुरक्षित शुरुआत का संदेश भी लेकर आया।
आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए परिवहन कार्यालय बागेश्वर में मोबाइल नंबर अपडेट के लिए विशेष हेल्पडेस्क भी संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह है कि आवेदक अपने सभी कार्य ऑनलाइन माध्यम से आसानी और पारदर्शिता के साथ पूरा कर सकें।
इसके साथ ही प्रवर्तन दल द्वारा समय-समय पर स्कूलों और टैक्सी स्टैंडों पर सड़क सुरक्षा और जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। राहवीर योजना के तहत सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था को भी प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए कूड़े और दूध के वाहनों में सड़क सुरक्षा से संबंधित ऑडियो क्लिप भी चलाए जा रहे हैं, ताकि संदेश हर गली और हर घर तक पहुंचे।
यह पूरी पहल हमें यही सिखाती है कि नियमों का पालन सिर्फ कानून का डर नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा का सबसे मजबूत आधार है। अगर हर चालक जिम्मेदारी समझे, तो सड़कें सुरक्षित होंगी, परिवार सुरक्षित होंगे और समाज आगे बढ़ेगा। बागेश्वर में चल रहा यह अभियान वास्तव में सुरक्षित भविष्य की ओर एक प्रेरणादायक कदम है।





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