उत्तराखंड कैबिनेट ने लिए कई अहम निर्णय, पहाड़ और जनजीवन पर पड़ेगा सीधा असर
उत्तराखंड की राज्य सरकार की ताज़ा कैबिनेट बैठक में आज कई महत्वपूर्ण और जनहित योजनाओं को अनुमोदन मिला है जो प्रदेश की विकास दिशा और आम लोगों के जीवन से सीधे जुड़े मुद्दों को सशक्त बनाएंगे। इस बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की और वित्तीय, शिक्षा, उद्योग, पर्यावरण, न्याय और कृषि सहित कई अहम विषयों पर विचार कर प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
सबसे बड़ा फैसला इस वित्तीय वर्ष के लिए 1.11 लाख करोड़ रुपये के बजट को विधानसभा में पेश करने का निर्णय रहा। पिछले वर्ष की तुलना में यह बजट लगभग 10 प्रतिशत अधिक है, जो राज्य के विकास और सामाजिक योजनाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कैबिनेट ने उत्तराखंड में पर्यावरण अभियंता के पदों का सृजन प्रदेश के सभी 11 नगर निगमों में करने का निर्णय लिया है। इससे पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता पर विशेष बल मिलेगा और स्थानीय स्तर पर पर्यावरण संबंधित कार्यों को तेज़ी मिलेगी।
जल संसाधन और जल उपयोग के क्षेत्र में भी बड़ी पहल की गई है। उपचारित जल के पुनः उपयोग की नीति 2026 को मंजूरी मिल गई है और उत्तराखंड Efficient Water Supply Programme को भी हरी झंडी दी गई है, जिसमें विश्व बैंक की सहायता भी शामिल है। इस कदम से पानी की बचत और बेहतर जल आपूर्ति व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
खेती और कृषि से जुड़े फैसलों में सेब की अत्याधुनिक नर्सरी विकास योजना 2026 और मौन पालन नीति को भी मंजूरी दी गई है। यह पहाड़ी कृषि को प्रतिस्पर्धात्मक बनाने के साथ किसानों की आमदनी को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
न्याय व्यवस्था को मजबूत करने के लिए तीन नए फास्ट ट्रैक विशेष अदालतों की स्थापना का निर्णय लिया गया है, जिससे न्यायिक मामलों का निपटारा तेज़ होगा और लोगों को न्याय जल्दी मिलेगा।
शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव हुआ है। मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना में 21 अशासकीय महाविद्यालयों को शामिल करने का निर्णय लिया गया है और स्वामी विवेकानंद उत्तराखंड ई-पुस्तकालय योजना को भी मंजूरी मिली है जिससे छात्रों को पढ़ाई में अधिक संसाधन मिलेंगे।
सरकार ने जीएसटी अपीलीय अधिकरण की अतिरिक्त सर्किट बेंच हल्द्वानी में स्थापित करने का निर्णय भी लिया ताकि व्यापारियों को सुविधा मिले और वे देहरादून आने-जाने से मुक्त हों।
राज्य में समान नागरिक संहिता (संशोधन) विधेयक 2026 को भी कैबिनेट की मंजूरी मिली है, जिसे जल्द ही विधानसभा में विधायी प्रक्रिया से पेश किया जाएगा। यह कदम सामाजिक समता और लिंग-न्याय को और मजबूत करेगा।
साथ ही सरकार ने चार विशेष शिक्षकों को नियमित नियुक्ति देने का भी ऐतिहासिक निर्णय लिया है, जो अब अपने स्थायी पदों पर कार्य करेंगे। यह फैसला संविदा शिक्षकों के लिए सुनहरा अवसर है।
इन सभी निर्णयों से स्पष्ट होता है कि सरकार राज्य के विकास, न्याय, शिक्षा, किसान कल्याण, जल सुरक्षा और उद्योग वृद्धि को प्राथमिकता दे रही है। आने वाले समय में इन निर्णयों का सीधा लाभ आम नागरिकों के जीवन में दिखेगा और उत्तराखंड की प्रगति की दिशा को और मजबूत करेगा।





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