बागेश्वर पुलिस की अनूठी पहल: दुर्गम गांवों में बुजुर्गों के द्वार पहुंची पुलिस, 95 वर्षीय महिला का जाना हाल-चाल
Report- Vaishnavi
झिरौली और शामा पुलिस ने ग्रामीणों के साथ लगाई चौपाल, साइबर ठगी, नशामुक्ति, यातायात और महिला सुरक्षा के प्रति किया जागरूक
बागेश्वर। सुदूरवर्ती पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले बुजुर्गों को सुरक्षा का भरोसा दिलाने और ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित करने के लिए बागेश्वर पुलिस का सामुदायिक पुलिसिंग अभियान जारी है। इसी क्रम में 26 अक्टूबर 2026 को थाना झिरौली और चौकी शामा पुलिस की टीमों ने दुर्गम गांवों में भ्रमण कर अकेले रह रहे बुजुर्गों की कुशलक्षेम पूछी और ग्रामीणों को विभिन्न सामाजिक व सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर जागरूक किया।
पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र मेहरा के निर्देशन में थाना झिरौली पुलिस ने ग्राम बोहाला में अकेले रह रहीं 95 वर्षीय बुजुर्ग महिला से मुलाकात की। पुलिस कर्मियों ने उनका हाल-चाल जाना और स्वास्थ्य, दवाइयों तथा सुरक्षा संबंधी जरूरतों की जानकारी ली। टीम ने उन्हें जरूरत पड़ने पर पुलिस सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा भी दिलाया।
वहीं, चौकी शामा पुलिस ने तरमोली और शामा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में भ्रमण कर अकेले व असहाय रह रहे बुजुर्गों से मुलाकात की। इस दौरान ग्रामीणों और युवाओं के साथ जागरूकता चौपाल आयोजित कर नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई। लोगों से अवैध मादक पदार्थों की बिक्री की सूचना नारकोटिक्स हेल्पलाइन 1933 पर देने की अपील की गई।

साइबर सुरक्षा अभियान 2.0 के तहत ग्रामीणों को डिजिटल अरेस्ट, फर्जी लॉटरी और KBC संदेश, संदिग्ध APK फाइलों तथा बैंक अधिकारी बनकर की जाने वाली ठगी से सतर्क रहने को कहा गया। पुलिस ने OTP और बैंक PIN किसी के साथ साझा न करने तथा साइबर ठगी होने पर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी।
इसके अलावा यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट व सीट बेल्ट पहनने और नशे में वाहन न चलाने की अपील की गई। महिलाओं और बालिकाओं को उनके कानूनी अधिकारों, गौरा शक्ति ऐप, महिला हेल्पलाइन 1090 और आपातकालीन नंबर 112 की जानकारी भी दी गई।
बागेश्वर पुलिस की इस पहल का उद्देश्य दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों, विशेषकर अकेले बुजुर्गों तक पुलिस सहायता पहुंचाना और उनमें सुरक्षा का विश्वास मजबूत करना है।





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