बागेश्वर से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां शुक्रवार को जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने जनपद के लिए ड्रेनेज मास्टर प्लान को लेकर एक अहम समीक्षा बैठक ली। यह बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई, जिसमें बागेश्वर, गरुड़ और कपकोट नगरों की जल निकासी की समस्याओं और उनके स्थायी समाधान के लिए बनाई गई आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। ये रणनीति सिर्फ वर्तमान को नहीं, बल्कि आने वाले 30 वर्षों तक की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।
बैठक की शुरुआत में जिलाधिकारी ने जिले में बरसात के मौसम में जलभराव, नालियों की सफाई और पानी की समुचित निकासी को लेकर चिंता जताई और इस दिशा में गंभीर व ठोस कार्ययोजना को अमल में लाने पर ज़ोर दिया। उन्होंने पीडब्ल्यूडी, यूपीसीएल, जल संस्थान, जल निगम और नगर निकायों को संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण कर ड्रेनेज कार्यों के लिए जरूरी एनओसी समयबद्ध रूप से जारी करने के निर्देश दिए, ताकि निर्माण कार्यों की प्रक्रिया में कोई बाधा न आए और योजनाएं तय समय पर शुरू हो सकें।
इस बैठक में सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता पवन सिंह और मोहम्मद मुस्तकीन ने एक विस्तृत प्रजेंटेशन के जरिए बताया कि बागेश्वर, गरुड़ और कपकोट नगरों के लिए ड्रेनेज सिस्टम का मास्टर प्लान तैयार कर लिया गया है। यह प्लान आगामी 30 वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। तीनों नगरों के लिए डीपीआर यानी डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाकर शासन को पहले ही भेजी जा चुकी है।
बागेश्वर नगर के ड्रेनेज क्षेत्र को 10 वर्ग किलोमीटर में प्रस्तावित किया गया है, जिसकी अनुमानित लागत 137 करोड़ रुपये है। वहीं गरुड़ नगर के लिए 3 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में ड्रेनेज व्यवस्था बनाई जाएगी, जिस पर लगभग 28 करोड़ रुपये का खर्च प्रस्तावित है। कपकोट नगर के लिए 5.5 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को शामिल करते हुए ड्रेनेज योजना बनाई गई है, जिसकी लागत करीब 37 करोड़ रुपये होगी।
कुल मिलाकर तीनों नगरों के लिए 202 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से एक दीर्घकालिक और टिकाऊ ड्रेनेज व्यवस्था लागू करने की दिशा में प्रशासन ने ठोस पहल कर दी है। यह मास्टर प्लान बाढ़, जलभराव और बरसाती पानी से जुड़ी परेशानियों का स्थायी समाधान साबित हो सकता है।
बैठक में पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता अंकुर सिंह सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। इस महत्त्वपूर्ण बैठक ने साफ कर दिया है कि बागेश्वर जिला अब जल निकासी जैसी मूलभूत समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उन्हें जड़ से समाप्त करने की दिशा में निर्णायक कदम उठा चुका है।
यह योजना अगर समय पर और प्रभावी ढंग से लागू की जाती है, तो बागेश्वर जनपद के तीन प्रमुख नगरों में बरसात के मौसम में पानी भरने की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान संभव हो सकेगा।





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