“बिजली और नेटवर्क में गड़बड़ी नहीं सहेंगे” – डीएम आशीष भटगांई का सख्त संदेश, अफसरों को फटकार और सुधार के सख्त निर्देश
बागेश्वर ज़िले में लगातार हो रही बिजली और संचार सेवाओं में बाधाओं ने आम जनता की रोजमर्रा की ज़िंदगी को प्रभावित किया है, और अब इस पर जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने कड़ा रुख अपनाया है। सोमवार को डीएम ने अधिकारियों को साफ शब्दों में चेतावनी दी – “जनता की सुविधाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर सेवाएं ठीक नहीं हुईं, तो ज़िम्मेदार अफसरों पर सख्त कार्रवाई होगी।”
डीएम कार्यालय में हुई इस अहम बैठक में जिले की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था और संचार सेवाओं की समीक्षा की गई। डीएम आशीष भटगांई ने उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अधिशासी अभियंता को खासतौर पर फटकार लगाई और मानसून के दौरान बार-बार बिजली गुल होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने साफ कहा कि बिजली जैसी मूलभूत सेवा में तकनीकी खराबी या स्टाफ की लापरवाही को कतई सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने विभाग को निर्देश दिए कि सभी ट्रांसफार्मर, लाइन और तकनीकी व्यवस्थाओं की तत्काल जांच कर ली जाए और मरम्मत का काम बिना देरी शुरू किया जाए, ताकि बारिश के दिनों में आमजन को परेशानी ना हो।
इसी बैठक में संचार सेवा की गिरती स्थिति को लेकर बीएसएनएल अधिकारियों को भी सख्त हिदायत दी गई। डीएम ने कहा कि जिले के कई गांवों और कस्बों में नेटवर्क बार-बार ठप हो रहा है, जिससे विद्यार्थियों, व्यापारियों, सरकारी सेवाओं और आम नागरिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अब यह स्थिति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीएम ने खास तौर पर एक समस्या की ओर ध्यान खींचा – निर्माण कार्यों के दौरान ऑप्टिकल फाइबर केबल कटने की घटनाएं। उन्होंने बताया कि जब सड़कों में क्रैश बैरियर लगाए जाते हैं, तो फाइबर केबल्स को नुकसान होता है, जिससे पूरी नेटवर्क सेवा प्रभावित हो जाती है। इस पर उन्होंने लोक निर्माण विभाग, बीएसएनएल और सभी निर्माण एजेंसियों को आपस में समन्वय बनाकर काम करने का आदेश दिया, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। साथ ही यह भी कहा गया कि भविष्य में सभी निर्माण कार्य तभी शुरू हों जब पहले से मौजूद केबल और अन्य बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित हो जाए।
डीएम भटगांई ने सख्त शब्दों में कहा, “कोई भी समस्या छोटी नहीं होती। बिजली और नेटवर्क जैसी सेवाओं में थोड़ी सी भी लापरवाही पूरे समाज को प्रभावित करती है। इसलिए सभी अधिकारी संवेदनशीलता, तत्परता और जनहित के प्रति जवाबदेही के साथ कार्य करें।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता जनता की सुविधा है, और अगर किसी विभाग ने इस दिशा में कोताही बरती, तो संबंधित अफसर ही ज़िम्मेदार माने जाएंगे और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस मौके पर डीएम ने अधिकारियों को एक सीधा संदेश दिया – “अब बहाने नहीं चलेंगे। समस्याओं का समाधान चाहिए, वो भी तुरंत और स्थायी रूप से। किसी भी सेवा में बाधा जनता की रोजमर्रा की ज़िंदगी पर असर डालती है, और हम ऐसा नहीं होने देंगे।”
इस बैठक के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में बागेश्वर ज़िले में बिजली और नेटवर्क सेवाओं में सुधार देखने को मिलेगा, और प्रशासन की यह सख्ती आम नागरिकों को राहत देगी।





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