जलते मकान के बीच मसीहा बनकर पहुंची बागेश्वर की फायर टीम, चंद मिनटों में बुझाई आग, टला बड़ा हादसा
बागेश्वर जिला अस्पताल के पास आज दोपहर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब एक आवासीय मकान में अचानक आग लग गई। लेकिन गनीमत ये रही कि फायर सर्विस टीम ने मौके पर पहुंचकर समय रहते हालात को काबू में कर लिया और एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया।
यह घटना आज 17 जून 2025 को दोपहर 1 बजकर 55 मिनट पर सामने आई, जब कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि जिला अस्पताल के पास एक दोमंजिला आवासीय मकान में आग लग गई है। सूचना मिलते ही अग्निशमन प्रभारी गोपाल सिंह रावत के नेतृत्व में फायर टीम तुरंत मौके के लिए रवाना हुई। टीम ने वॉटर टेंडर और मिनी हाई प्रेशर वॉटर टेंडर सहित घटनास्थल पर पहुंचकर बिना समय गंवाए राहत कार्य शुरू किया।
जब टीम मौके पर पहुंची, तो देखा गया कि यह आग मकान स्वामी मोहन राम आर्या के मकान के एक कमरे में लगी हुई थी। उस कमरे में नेपाल निवासी पूरन बहादुर नाम का मजदूर किराए पर रहता है। आग ने कमरे में रखे बिस्तरों को अपनी चपेट में ले लिया था। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं होती, तो यह आग पूरी इमारत में फैल सकती थी और बड़ा जान-माल का नुकसान हो सकता था।
लेकिन फायर टीम की त्वरित और सटीक कार्रवाई ने सब कुछ बदल दिया। होजरील से पानी की तेज बौछार मारकर कुछ ही मिनटों में आग को पूरी तरह से काबू में कर लिया गया। इस पूरी कार्रवाई में मात्र 15 से 20 मिनट का समय लगा और आग को फैलने से रोक दिया गया। सौभाग्य से इस घटना में किसी की जान को नुकसान नहीं हुआ और केवल बिस्तरों का ही आंशिक नुकसान हुआ।
इस पूरे ऑपरेशन में फायर सर्विस की टीम में प्रभारी गोपाल सिंह रावत के साथ फायरमैन केदार सिंह, चालक रमेश बंगारी, चालक जगदीश सिंह, फायरमैन सोहन लाल, दीपक दानू, नीरज, महिला फायर वॉरियर अंजना और पूजा शामिल रहीं। मौके की जानकारी मीडिया प्रभारी फायरमैन सोहन लाल द्वारा साझा की गई।
यह घटना एक बार फिर इस बात का प्रमाण है कि आपदा की घड़ी में यदि तैयारी और तत्परता हो, तो बड़ा नुकसान भी टाला जा सकता है। बागेश्वर की फायर सर्विस टीम ने जिस साहस और समर्पण के साथ इस मिशन को अंजाम दिया, वह काबिले तारीफ है।
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