बागेश्वर में दिखा स्वच्छता का उत्सव, अफसरों से लेकर आमजन तक सब जुटे श्रमदान में
सुबह की पहली किरण के साथ बागेश्वर नगर में रविवार को कुछ अलग ही नज़ारा देखने को मिला। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में सुबह 7 बजे से 10 बजे तक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया, जिसने नगरवासियों को साफ-सफाई के लिए एकजुट कर दिया।
इस अभियान को तीन मुख्य हिस्सों में बाँटा गया था—बागनाथ मंदिर से विकास भवन, इंडोर स्टेडियम से झूला पुल, और भागीरथी नाले से जिला चिकित्सालय तक। इन क्षेत्रों में जिम्मेदारी संभाली उपजिलाधिकारी, तहसीलदार और नगर पालिका के अधिकारियों ने, जिन्होंने न केवल निगरानी की बल्कि मैदान में उतरकर स्वयं कार्य भी किया।
नुमाइश मैदान में जनपद न्यायाधीश नरेंद्र दत्त ने सभी प्रतिभागियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने भी अभियान में भाग लिया और कहा कि “स्वच्छता एक दिन का काम नहीं, इसे जीवनशैली बनाना होगा।” पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर. घोड़खे, नगर पालिका अध्यक्ष सुरेश खेतवाल और एसडीएम प्रियंका रानी समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अभियान में सहभागिता दिखाई।
इस स्वच्छता अभियान को और अधिक प्रभावशाली बनाया विभिन्न विभागों की सक्रिय भागीदारी ने। पुलिस, शिक्षा, पंचायत, जल संस्थान, आयुष, उद्योग, कृषि, सूचना विभाग सहित अनेक संस्थाओं ने श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश दिया। कूड़े के उठान से लेकर नालियों की सफाई, झाड़ियों की कटाई और दीवार लेखन जैसे कार्य किए गए।
सूचना विभाग द्वारा प्रचार रथ और माइक के माध्यम से जन-जागरूकता फैलाई गई। कार्यक्रम के अंत में सभी नागरिकों से यह अपील की गई कि वे स्वच्छता को केवल जिम्मेदारी न समझें, बल्कि अपनी आदत बनाएं और इस अभियान को जनांदोलन का रूप दें।
बागेश्वर का यह स्वच्छता अभियान सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक चेतना और सक्रिय सहभागिता का प्रतीक बन गया।





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