रिपोर्ट भगवत नेगी, मेरा हक न्यूज गरुड़

“गरुड़ में जनता दरबार ने खोली नशे की जड़ें – एसपी बोले, नाबालिगों को बचाना पहली प्राथमिकता!
- गरुड़ के अयारतोली गांव स्थित थानेश्वर मंदिर परिसर में आज एक प्रेरणादायक और समाधान परक आयोजन देखने को मिला। यहां जनता दरबार का आयोजन किया गया, जिसमें खुद एसपी चंद्रशेखर घोडके ने क्षेत्रीय जनता की समस्याएं सुनीं और मौके पर ही समाधान की पहल की।
जनता दरबार में सबसे ज़्यादा चिंता का विषय रहा – नशे का फैलता जाल। ग्रामीणों ने खुलकर अपनी बात रखी। दिवाकर मिश्रा ने खास तौर पर इस बात को रेखांकित किया कि गांव के आसपास के जंगलों में युवाओं द्वारा शराब पीना न केवल समाज के लिए चिंता का विषय है, बल्कि यह पर्यावरण और कानून व्यवस्था के लिए भी खतरा बनता जा रहा है। उन्होंने मांग की कि ऐसे इलाकों में पुलिस की नियमित निगरानी और कार्रवाई होनी चाहिए।

वहीं देवेंद्र गोस्वामी ने अत्यंत भावुक अंदाज़ में कहा कि आज का युवा नशे की गिरफ्त में जिस तरह फंस रहा है, वह पूरे समाज के लिए गंभीर चेतावनी है। उन्होंने एसपी से निवेदन किया कि स्कूलों, कॉलेजों और गांवों में नशा मुक्ति के लिए जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि युवा दिशा से न भटकें।
इन दोनों की बातों को गंभीरता से लेते हुए एसपी चंद्रशेखर घोडके ने अपनी ओर से स्पष्ट किया कि नशे के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि, “हमारा पहला लक्ष्य है – नाबालिग बच्चों को नशे से दूर रखना। बीयर बारों के कैमरों की जांच की जा रही है और जहां भी अवैध गतिविधियाँ दिखेंगी, सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही बच्चों की काउंसलिंग भी करवाई जा रही है ताकि वे मानसिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनें।”


इस अवसर पर थाना अध्यक्ष बैजनाथ, प्रताप नगर कोटी और सीओ बागेश्वर अजय लाल शाह भी मौजूद रहे। उन्होंने जनता की समस्याओं को पूरी गंभीरता से सुना और विश्वास दिलाया कि पुलिस हर शिकायत पर ईमानदारी से कार्य करेगी।

कार्यक्रम में सोनम और मनीषा नाम की युवतियों ने भी साहसिक ढंग से अपनी बात रखी। उन्होंने अपने गांव में खुलेआम बिक रही शराब पर नाराजगी जताई और इसे तुरंत बंद करवाने की मांग की। ग्राम मासिक कैलाश पवार ने अपने गांव में पुलिस की गश्त बढ़ाने और 112 सेवा की नियमित रात्रि पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने का निवेदन किया।
एक और प्रेरणादायक उदाहरण इस चौपाल में सामने आया जब बैजनाथ निवासी जयदत्त कांडपाल ने बताया कि उनके खाते से ₹85,500 की साइबर धोखाधड़ी हुई थी, लेकिन जैसे ही उन्होंने बागेश्वर साइबर सेल से संपर्क किया, पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई कर रकम होल्ड कराई और 16 जून 2025 को पूरा पैसा उन्हें वापस मिल गया। जयदत्त ने मंच से खुले दिल से पुलिस का धन्यवाद किया।

कार्यक्रम के अंत में बच्चों ने एसपी से घिरकर उनसे बड़ी मासूमियत से पूछा – “आपको यहां आकर कैसा लगा?” एसपी चंद्रशेखर घोडके मुस्कराए और बोले, “बच्चों से बात करना मेरे लिए सबसे सुखद अनुभव होता है। जब वे सवाल करते हैं, तब मुझे लगता है कि समाज सही दिशा में सोच रहा है। और यही सोच हमें एक बेहतर कल की ओर ले जाएगी।”
गरुड़ की यह चौपाल केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि वह नींव है जिस पर संवाद, समाधान और सुरक्षा की एक नई इमारत खड़ी की जा रही है। ऐसी पहलें न केवल समस्याओं को उजागर करती हैं, बल्कि समाज को एकजुट कर समाधान की राह भी दिखाती हैं।
आइए, हम सब मिलकर नशे के खिलाफ आवाज़ उठाएं और एक सुरक्षित, स्वच्छ और सशक्त समाज की ओर कदम बढ़ाएं।
जय उत्तराखंड, जय जनसहयोग।





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