भगवत नेगी, मेरा हक न्यूज गरुड़
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ग्राम पंचायत मन्यूड़ा के तोक मन्यूड़ा में इन दिनों किसानों के चेहरे मुरझाए हुए हैं। कारण है — खेतों तक सिंचाई का पानी नहीं पहुंच पा रहा, जबकि गांव में सरकारी योजना के तहत पम्प पहले से ही मौजूद है।
गांव के लोगों का कहना है कि तोक सीर में बने पम्प से दोनों टोलों — सीर और मन्यूड़ा — को सप्ताह में तीन-तीन दिन सिंचाई का पानी देने का फैसला हुआ था। यही नहीं, अप्रैल माह में लघु सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता, ग्राम प्रधान और ग्रामवासियों की उपस्थिति में बाकायदा एक बैठक भी हुई थी, जिसमें यह सहमति बनी कि पम्प ऑपरेटर भी तोक सीर से ही नियुक्त किया जाएगा और पानी का वितरण बराबरी से होगा।
लेकिन अब हालात ये हैं कि तोक मन्यूड़ा में कई दिनों से एक बूंद पानी नहीं पहुंचा। पम्प केवल सीर तोक में ही चलाया जा रहा है, और मन्यूड़ा की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा। नतीजा — धान की नर्सरी सूखने के कगार पर पहुंच चुकी है। कई किसानों की रोपाई पूरी नहीं हो पाई है और जिनके पास गधेरे या प्राकृतिक स्रोत नहीं हैं, उनकी जमीनें अभी भी सूखी और बंजर पड़ी हुई हैं।
गांव के लोग बेहद आक्रोशित हैं। वे कहते हैं कि उन्हें सिर्फ आश्वासन मिल रहा है, कि ‘कुछ दिन में पानी आ जाएगा’, लेकिन कब? इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं।
इस लापरवाही और एकतरफा जल वितरण से मन्यूड़ा तोक के दर्जनों किसान रोज़ी-रोटी को लेकर चिंतित हैं। खेत सूखते जा रहे हैं और प्रशासन से बार-बार निवेदन के बावजूद समाधान अब तक नहीं निकल पाया है।
ग्रामवासियों ने उपजिलाधिकारी गरुड़ को लिखित प्रार्थना पत्र देकर गुहार लगाई है कि पम्प के संचालन में निष्पक्षता लाई जाए और पानी का वितरण पूर्व सहमति के अनुसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि सभी किसानों को बराबर का लाभ मिल सके। ज्ञापन देने में राजेंद्र रावत किशन गिरी बलवंत गिरी रघुवर दत्त बहादुर गिरी भुवन पाठक रतन गिरी गणेश रावत गोपाल रावत आदि रहे
अब देखना यह है कि प्रशासन इस पर कितना गंभीर होता है और कितनी जल्दी किसानों की इस समस्या का समाधान करता है।
मेरा हक न्यूज़ आपसे अपील करता है — आप भी किसानों के पक्ष में रहें





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