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जिले में नशे के खिलाफ छिड़ा युद्ध: 341 कार्यक्रम, 16 गिरफ्तारियां और अब हर गांव तक पहुंचेगा संदेश!

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जिले में नशे के खिलाफ छिड़ा युद्ध: 341 कार्यक्रम, 16 गिरफ्तारियां और अब हर गांव तक पहुंचेगा संदेश!

मेरा हक न्यूज़ में आपका स्वागत है। बागेश्वर जिले में नशे के खिलाफ अब जंग और तेज़ हो गई है। जिलाधिकारी आशीष भटगांई के निर्देश पर बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में एक अहम बैठक हुई जिसकी अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी एन एस नबियाल ने की। इस बैठक का मकसद था—जिले में नशीले पदार्थों की तस्करी और दुरुपयोग को जड़ से खत्म करना।

बैठक में खास जोर इस बात पर दिया गया कि सभी विभाग आपस में तालमेल बनाकर काम करें और गांव-गांव तक नशे के खिलाफ जन-जागरूकता की अलख जगाई जाए। खास तौर पर युवाओं को नशे से बचाने के लिए स्कूलों और कॉलेजों में अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। वन विभाग को आदेश दिया गया कि वह जंगलों में भांग की खेती पर रोक लगाए और उपजिलाधिकारी अपने क्षेत्रों में वन पंचायतों में यह सुनिश्चित करें कि किसी भी हाल में भांग जैसी वनस्पतियों की खेती न हो।

राजस्व और पुलिस विभाग को निर्देश दिए गए कि वे नियमित चेकिंग अभियान चलाएं और संदिग्ध गतिविधियों पर सख्ती से नज़र रखें। सांख्यिकीय रिपोर्ट तैयार की जाए और सभी विभाग मिलकर नशा मुक्ति अभियान को एक जन आंदोलन की तरह आगे बढ़ाएं।

इस बीच पुलिस उपाधीक्षक अजय साह ने बताया कि एक जनवरी 2025 से लेकर अब तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 11 केस दर्ज हुए हैं, जिनमें 16 अभियुक्तों की गिरफ्तारी हुई है। साथ ही मादक पदार्थों से जुड़े 3 अन्य मामलों में भी कार्रवाई की गई है। इसी अवधि में 341 जन-जागरूकता कार्यक्रम, 7 बाइक रैलियां और नशे में लिप्त 33 लोगों की काउंसलिंग की गई है, जो कि एक बड़ी पहल है।

स्वास्थ्य विभाग ने भी नशा मुक्त भारत अभियान के तहत एक प्रेरणादायक कदम उठाया है। जिला कार्यालय को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए 30 स्टील की बोतलें वितरित की गई हैं जिन पर ‘नशा मुक्त बागेश्वर’ अंकित है। ये सिर्फ बोतलें नहीं, एक संदेश हैं—स्वस्थ जीवन की ओर बढ़ते क़दम का प्रतीक।

इस अहम बैठक में उपजिलाधिकारी प्रियंका रानी, ललित मोहन तिवारी, समाज कल्याण अधिकारी जसमीत कौर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे, जिन्होंने जिले को नशा मुक्त बनाने की दिशा में अपने-अपने विभागों की भूमिका स्पष्ट की।

बागेश्वर अब नशे के खिलाफ एक मिशन मोड में है—जहां सिर्फ आंकड़ों की नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर बदलाव की शुरुआत हो चुकी है। मेरा हक न्यूज़ से जुड़े रहिए, क्योंकि हम आपको दिखाएंगे हर उस कदम की तस्वीर, जो समाज को एक बेहतर दिशा में ले जा रही है।

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