रिपोर्ट भगवत नेगी मेरा हक न्यूज
आपदा प्रबंधन से जुड़े बड़े फैसले आज जिला मुख्यालय में लिए गए, जहां जिला कार्यकारिणी समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई और प्रशासन ने साफ संदेश दिया कि अब किसी भी आपदा प्रभावित क्षेत्र में मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्यों की रफ्तार धीमी नहीं पड़ेगी, बल्कि अगले चरण में और अधिक तेज होगी।
जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा चल रहे कार्यों की बारीकी से समीक्षा की गई। बैठक की शुरुआत में ही उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया कि किसी भी काम में गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि हर निर्माण कार्य न सिर्फ मजबूत होना चाहिए बल्कि क्षेत्र की सुरक्षा को देखते हुए दीर्घकालिक भी होना चाहिए। प्रशासन का फोकस केवल आज की आवश्यकता नहीं बल्कि आने वाले वर्षों तक लोगों की सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।
जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को विशेष रूप से निर्देशित किया कि वे स्वयं क्षेत्र में जाएं, स्थलीय निरीक्षण करें और वास्तविक स्थिति का आकलन करते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करें। कार्यों की जमीन पर निगरानी को जोड़ते हुए उन्होंने यह भी कहा कि थर्ड पार्टी निरीक्षण की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। फील्ड में सक्रियता बढ़ाने और रिपोर्टिंग को सरल व स्पष्ट रखने पर विशेष जोर दिया गया।
इसी क्रम में उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि रियल टाइम प्रगति की जो निगरानी प्रणाली लागू की गई है, उसे प्रभावी तरीके से अपनाया जाए। विभागीय रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप में ही प्रस्तुत हों, जिससे समीक्षा तेज़ी से और सटीक तरीके से की जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सभी विभागों के बीच समन्वय मजबूत होना आवश्यक है ताकि राहत और पुनर्निर्माण के कार्य बिना रुकावट जारी रह सकें।
अपर जिलाधिकारी एन.एस. नबियाल ने बैठक के दौरान विभागों को लंबित मामलों पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने पूर्व में स्वीकृत कार्यों की उपयोगिता प्रमाणपत्र यानी यूसी शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। यह भी स्पष्ट किया गया कि किसी भी लंबित प्रकरण को अब प्राथमिकता के साथ निपटाया जाए ताकि योजनाओं का क्रियान्वयन बाधित न हो।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आर.सी. तिवारी, सभी उपजिलाधिकारी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल समेत विभिन्न विभागों के अभियंता और अधिकारी मौजूद रहे। इन सभी ने अपने-अपने विभागों की स्थिति, प्रगति और आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की।
प्रशासन की इस बैठक का मुख्य संदेश यह रहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्निर्माण कार्यों को अब और तेज़, सटीक और गुणवत्तापूर्ण तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। जिले में आपदा प्रबंधन की व्यवस्था को और संगठित, तकनीक आधारित और जवाबदेह बनाने की दिशा में यह बैठक अहम मानी जा रही है।
जिला सूचना अधिकारी, बागेश्वर द्वारा जारी यह जानकारी प्रशासन की गंभीरता और तत्परता दोनों को दर्शाती है, जो आने वाले दिनों में जमीनी स्तर पर तेजी से होते बदलावों में दिखने की उम्मीद है।
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