गुलदार के सामने नहीं हारी हिम्मत, पाटली की प्रेमा और हेमा जोशी को मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित
Report- Vaishnavi
बागेश्वर। गरुड़ क्षेत्र के पाटली गांव की प्रेमा जोशी और हेमा जोशी को मानव-वन्यजीव संघर्ष के दौरान साहस और सूझबूझ दिखाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सम्मानित किया। देहरादून के एफआरआई परिसर में 1 अक्टूबर को आयोजित वन्यजीव सप्ताह-2026 के उद्घाटन समारोह में दोनों महिलाओं को सम्मान मिला। मुख्यमंत्री ने मानव-वन्यजीव संघर्ष के दौरान साहस दिखाने वाले 18 लोगों को सम्मानित करते हुए प्रत्येक को 51 हजार रुपये की सम्मान राशि देने की घोषणा की।
प्रेमा और हेमा जोशी ने 3 सितंबर को पाटली गांव में गुलदार के हमले के दौरान हिम्मत और सूझबूझ का परिचय दिया था। कृषि कार्य के दौरान गुलदार ने अचानक प्रेमा जोशी पर हमला कर दिया। विषम परिस्थिति में उन्होंने शोर मचाने के साथ पास मौजूद दरांती के सहारे गुलदार का सामना किया। उनकी आवाज सुनकर हेमा जोशी भी मौके पर पहुंचीं और दोनों ने मिलकर शोर मचाया, जिसके बाद गुलदार वहां से चला गया।

घटना की सूचना के बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने के साथ ग्रामीणों को वन्यजीवों से सतर्क रहने के लिए जागरूक किया गया। बागेश्वर वन प्रभाग और बैजनाथ रेंज की टीम ने भी मामले में आवश्यक कार्रवाई की।
बैजनाथ रेंज की वन दरोगा अनुराधा जोशी के साथ क्षेत्र की महिलाएं देहरादून पहुंचीं और सम्मान समारोह में शामिल हुईं। मुख्यमंत्री ने वन्यजीव सप्ताह के दौरान मानव-वन्यजीव संघर्ष की परिस्थितियों में साहस दिखाने वाले लोगों के योगदान को रेखांकित करते हुए वन्यजीव संरक्षण के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा और जागरूकता पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री के हाथों सम्मान मिलने के बाद प्रेमा और हेमा जोशी की बहादुरी की चर्चा गरुड़ और बागेश्वर क्षेत्र में हो रही है। दोनों महिलाओं का साहस ग्रामीण क्षेत्रों में वन्यजीवों के प्रति सतर्कता और विषम परिस्थितियों में सूझबूझ से काम लेने का संदेश भी देता है।





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