धराली में तबाही के बाद पहुँचे मुख्यमंत्री, राहत कार्यों को दी तेज़ रफ़्तार
रिपोर्ट भगवत नेगी मेरा हक न्यूज
उत्तरकाशी जनपद के धराली क्षेत्र में हाल ही में आई भीषण प्राकृतिक आपदा के बाद, जब चारों ओर तबाही का मंजर था और लोग असहाय महसूस कर रहे थे, तब राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज स्वयं मौके पर पहुंचे। इस दौरे ने न सिर्फ पीड़ितों को भावनात्मक सहारा दिया, बल्कि यह भी साबित किया कि राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता और तत्परता से हालात पर नज़र बनाए हुए है।
मुख्यमंत्री ने धराली क्षेत्र में आपदा से प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता एक-एक प्रभावित व्यक्ति तक राहत पहुंचाना है और यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पीड़ित सरकारी मदद से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री ने राहत कार्यों की प्रगति की समीक्षा भी की और अधिकारियों से सीधे जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने मौके पर तैनात राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे जवानों और कर्मियों से मुलाकात कर उनके कार्यों की सराहना की। साथ ही, अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि राहत सामग्री समयबद्ध और व्यवस्थित तरीके से सभी प्रभावित परिवारों तक पहुंचे।
सरकार ने राहत कार्यों को गति देने के लिए दो हेलीकॉप्टरों के ज़रिए आवश्यक खाद्य सामग्री और राहत सामग्री सीधे धराली क्षेत्र में पहुंचाई है। ये प्रयास यह दर्शाते हैं कि सरकार सिर्फ कागज़ों पर नहीं, बल्कि ज़मीनी स्तर पर काम कर रही है। इसके अलावा, भारतीय वायुसेना के चिनूक हेलीकॉप्टर की मदद से भारी मशीनरी भी भेजी जा रही है, ताकि मलबा हटाने, टूटी सड़कों की मरम्मत और अन्य ज़रूरी कार्यों को शीघ्रता से पूरा किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पूरी सरकारी मशीनरी इस संकट के समय में लोगों के साथ खड़ी है। प्रशासन को निर्देशित किया गया है कि हर घर, हर व्यक्ति तक राहत का हाथ पहुंचे और कोई भी व्यक्ति सरकार की मदद से वंचित न रह जाए।
धराली जैसे दुर्गम क्षेत्र में जहां पहुंचना भी एक चुनौती है, वहां मुख्यमंत्री का खुद जाकर हालात का जायज़ा लेना, पीड़ितों से संवाद करना और राहत कार्यों की समीक्षा करना इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है।
लोगों ने भी मुख्यमंत्री की इस पहल का स्वागत किया और भरोसा जताया कि राज्य सरकार की निगरानी में राहत एवं पुनर्वास कार्य पूरी गति से आगे बढ़ेंगे और धराली जल्द ही अपने पुराने स्वरूप की ओर लौटेगा।
यह संकट की घड़ी है, लेकिन राज्य सरकार की तत्परता, प्रशासन की सक्रियता और लोगों की एकजुटता धराली को फिर से संवारने की दिशा में मजबूत कदम है।





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