नशे पर सख्त हुई जिला प्रशासन की निगाह — जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने दिए कड़े निर्देश, दो घंटे में रिपोर्ट तलब
मेरा हक न्यूज़ में आपका स्वागत है। बागेश्वर में आज जिला प्रशासन ने नशे के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कलेक्ट्रेट सभागार में महत्वपूर्ण NCORD बैठक आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने की, जिसमें मादक पदार्थों की रोकथाम, नशा मुक्ति और जागरूकता अभियानों को लेकर कई सख्त निर्देश जारी किए गए।
जिलाधिकारी ने बैठक
में साफ कहा कि नशे की जड़ को खत्म करने के लिए हर स्तर पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को चेताया कि नशे के खिलाफ केवल अभियान नहीं बल्कि लगातार निगरानी और रिपोर्टिंग जरूरी है। उन्होंने कहा कि युवाओं में बढ़ते नशे के मामलों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस, एनजीओ और सीडब्ल्यूसी की संयुक्त टीमें ऐसे क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण करें और विस्तृत रिपोर्ट दें।
बैठक में सीओ अजय शाह ने पिछली एनकॉर्ड बैठक की अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि अब तक कई कार्य पूरे किए जा चुके हैं और आगामी लक्ष्यों पर भी तेजी से काम जारी है। समाज कल्याण विभाग की ओर से यह जानकारी दी गई कि जनपद में फिलहाल 15 बेड का नशा मुक्ति केंद्र संचालित है, जबकि 30 बेड के सरकारी नशा मुक्ति केंद्र का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि शासन से शीघ्र अनुमति के लिए पत्राचार किया जाए, ताकि जनपद में बड़े पैमाने पर नशा मुक्ति की सुविधा उपलब्ध हो सके।
जिलाधिकारी ने सभी नशा मुक्ति केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए और यह भी कहा कि जिन क्षेत्रों में नशे का प्रभाव अधिक है, वहां विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने सीओ को यह भी आदेश दिया कि एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों की बैक ट्रैक रिपोर्ट जल्द प्रस्तुत की जाए।
बैठक में जिलाधिकारी ने अवकारी अधिकारी को सख्त निर्देश दिए कि जिले की सभी बार और देशी-विदेशी मदिरा दुकानों के बाहर स्पष्ट चेतावनी लिखी हो — “21 वर्ष से कम आयु वालों को मदिरा बिक्री प्रतिबंधित है।” उन्होंने कहा कि इस कार्य की संपूर्ण रिपोर्ट दो घंटे के भीतर प्रस्तुत की जाए, ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके।
औषधि निरीक्षक पूजा रानी ने बैठक में जानकारी दी कि जिले की सभी दवा दुकानों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके हैं और नारकोटिक दवाओं की बिक्री केवल वैध चिकित्सकीय पर्ची पर ही की जा रही है। इस पर जिलाधिकारी ने एसीएमओ को निर्देश दिया कि चिकित्सक ऐसी दवाएं न लिखें जो बच्चों या युवाओं में नशे की प्रवृत्ति या दुष्प्रभाव उत्पन्न करें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को इस दिशा में निगरानी और सख्ती दोनों बढ़ानी होंगी।
बैठक में भांग की अवैध खेती को समाप्त करने के लिए भी जिलाधिकारी ने पुलिस और संबंधित विभागों को संयुक्त रूप से स्पष्ट कार्ययोजना बनाने और अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशे की जड़ सिर्फ शहरों में नहीं बल्कि गांवों और पहाड़ी इलाकों में भी फैल रही है, जिसे खत्म करने के लिए समेकित प्रयास आवश्यक हैं।
बैठक में एडीएम एन.एस. नबियाल, सीओ अजय शाह, एसडीएम ललित मोहन तिवारी, अनिल चन्याल, एसीएमओ डॉ. दीपक कुमार, औषधि निरीक्षक पूजा रानी, जिला आबकारी अधिकारी हरीश चंद्र, माध्यमिक शिक्षा अधिकारी आशा राम, सीडब्ल्यूसी सदस्य अशोक लोहुमी, डीडीएसी सदस्य संतोष जोशी सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
इस बैठक से यह स्पष्ट संकेत मिला है कि जिला प्रशासन नशे के खिलाफ अब और ज्यादा सख्त रुख अपनाने जा रहा है। आने वाले दिनों में जिलेभर में निरीक्षण अभियान तेज होंगे और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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