स्वास्थ्य, आयुष और स्वच्छता गतिविधियों से बागेश्वर में बढ़ी जन-जागरूकता, शिविरों में सैकड़ों लोगों को मिला निःशुल्क उपचार
Report- Vaishnavi
बागेश्वर। सेवा संकल्प अभियान के तहत जनपद के ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के साथ स्वास्थ्य, आयुष, टीबी उन्मूलन और स्वच्छता को लेकर जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग द्वारा विभिन्न स्थानों पर निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण, चिकित्सा परामर्श, औषधि वितरण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
राजकीय होम्योपैथिक जिला चिकित्सालय, बागेश्वर की टीम ने नुमाइशखेत मैदान में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में प्रतिभाग किया। प्रभारी जिला होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिखा सम्मल ने लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिया, जबकि फार्मेसी अधिकारी प्रदीप कुमार ने निःशुल्क होम्योपैथिक औषधियों का वितरण किया। शिविर में 116 लाभार्थियों को औषधियां उपलब्ध कराई गईं।

आयुर्वेद दिवस पर स्वास्थ्य शिविर और जागरूकता कार्यक्रम
जिला आयुर्वेद एवं यूनानी विभाग द्वारा आयुर्वेद दिवस के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिला कार्यालय में भगवान धन्वन्तरि की पूजा-अर्चना एवं हवन किया गया। वहीं, विक्टर मोहन जोशी राजकीय इंटर कॉलेज, बागेश्वर में रंगोली प्रतियोगिता, स्वास्थ्य शिविर तथा आयुर्वेद, योग एवं स्वस्थ जीवनशैली को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुए। शिविर में 120 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
नुमाइशखेत मैदान में आयोजित आयुर्वेदिक स्वास्थ्य शिविर में 106 लाभार्थियों को निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण, चिकित्सा परामर्श और औषधि वितरण की सुविधा मिली। आयुर्वेद उत्कर्ष केंद्र पिंगलो की ओर से राजकीय इंटर कॉलेज मेगड़ी स्टेट में भी हेल्थ अवेयरनेस कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. बिपिन चंद्र ने आयुर्वेद के मौलिक सिद्धांतों, दिनचर्या, ऋतुचर्या, आहार-विहार और पथ्य-अपथ्य की जानकारी दी। किशोरों को पोषण, नशा मुक्ति और कैरियर काउंसलिंग के प्रति भी जागरूक किया गया। कार्यक्रम में 45 लाभार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं औषधि वितरण किया गया।

टीबी उन्मूलन और स्वच्छता पर भी जोर
टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत विकासखंड गरुड़ में ग्राम प्रधानों के लिए प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. चंद्रशेखर पाठक ने ग्राम स्तर पर टीबी की पहचान, जांच, उपचार एवं बचाव में जनप्रतिनिधियों की भूमिका की जानकारी दी। उन्होंने टीबी के लक्षण दिखाई देने पर समय पर जांच कराने के लिए लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया।
इसी क्रम में जिला पंचायत द्वारा गरुड़-गागरीगोल क्षेत्र में स्वच्छता अभियान चलाया गया। सार्वजनिक स्थलों और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई कराते हुए लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। लोगों से नियमित साफ-सफाई बनाए रखने, स्वच्छ वातावरण तैयार करने और स्वच्छता अभियानों में सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने की अपील की गई।
जनपद में आयोजित इन गतिविधियों का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को आमजन तक पहुंचाने के साथ आयुर्वेद, योग, टीबी उन्मूलन, स्वच्छता और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति व्यापक जागरूकता विकसित करना है। स्वास्थ्य विभाग की इन पहलों के माध्यम से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को आवश्यक स्वास्थ्य जानकारी और सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास जारी है।





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