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“गरुड़ तहसील से बैजनाथ तक चला 3 घंटे का सफाई महाअभियान! न्यायपालिका और प्रशासन का ऐतिहासिक संयुक्त प्रयास”

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“गरुड़ से बैजनाथ तक चला 3 घंटे का सफाई महाअभियान! न्यायपालिका और प्रशासन का ऐतिहासिक संयुक्त प्रयास”

फोटो मेरा हक न्यूज़

 

रिपोर्ट – भगवत नेगी, मेरा हक न्यूज गरुड़

बात जब समाज की सेवा की हो, तो सिर्फ कानून की किताबें ही नहीं, झाड़ू और कचरे के बैग भी हाथ में आ जाते हैं। 22 जून 2025 की सुबह गरुड़ तहसील से बैजनाथ मंदिर तक कुछ ऐसा ही दृश्य देखने को मिला — जहाँ न्यायपालिका, प्रशासन और स्थानीय विभागों ने मिलकर तीन घंटे तक स्वच्छता के लिए श्रमदान किया।

 

यह आयोजन राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बागेश्वर के आदेशों के अनुपालन में, अध्यक्ष, तहसील विधिक सेवा समिति गरुड़ की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का समय सुबह 7 बजे से 10 बजे तक निर्धारित था, और तीन घंटों तक पूरे मार्ग पर केवल एक ही मंत्र गूंजता रहा स्वच्छता ही सेवा है।

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इस अभियान में गरुड़ न्यायालय की सुश्री जैनब, सिविल जज (जूनियर डिवीजन) एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट, गरुड़ की गरिमामयी उपस्थिति रही। उनके साथ-साथ सुश्री निशा रानी, सचिव तहसीलदार तहसील विधिक सेवा समिति गरुड़, खंड विकास अधिकारी बीबी जोशी, उपशिक्षा अधिकारी हिमांशी बिष्ट, रिटेनर अधिवक्ता त्रिलोकचंद जोशी, थाना अध्यक्ष बैजनाथ प्रताप नगरकोटी, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत गरुड़ अनुज कुमार, पीएलवी गीता आर्या, कविता पांडे, किशन बिष्ट और सिविल जज न्यायालय गरुड़ के समस्त कर्मचारीगण भी इस अभियान में सहभागी बने।

 

कार्यक्रम की शुरुआत गरुड़ तहसील परिसर से हुई और समापन ऐतिहासिक बैजनाथ मंदिर परिसर में किया गया। इस दौरान नगर पंचायत की पर्यावरण मित्र टीम ने मंदिर की सीढ़ियाँ, प्रांगण और आस-पास के पूरे क्षेत्र को स्वच्छ किया। झाड़ू, कचरा बैग और दो प्रकार की डस्टबिन का प्रयोग कर लोगों को जागरूक किया गया कि बायोडिग्रेडेबल और नॉन-बायोडिग्रेडेबल कचरे को कैसे अलग करें और उनका सही निस्तारण कैसे करें।

 

बैनर और पोस्टर के माध्यम से यह संदेश आम लोगों तक पहुंचाया गया कि स्वच्छता न केवल स्वास्थ्य से जुड़ा विषय है, बल्कि यह एक कानूनी और सामाजिक जिम्मेदारी भी है।

 

कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने बैजनाथ मंदिर परिसर में स्वच्छता की शपथ ली। इस मौके पर सुश्री निशा रानी ने कहा — “स्वच्छता ही मानव का धर्म है। जब हम अपने आस-पास सफाई रखते हैं, तो हम अपने बच्चों के लिए एक स्वस्थ भविष्य का रास्ता बनाते हैं।”

 

यह अभियान इस बात का प्रमाण है कि जब न्यायपालिका, प्रशासन और जनप्रतिनिधि एकजुट होकर आगे बढ़ते हैं, तो बदलाव केवल सम्भव नहीं बल्कि साकार हो जाता है।

 

तो आइए, हम सब मिलकर इस सफाई की मशाल को आगे बढ़ाएँ, और अपने गांव, शहर और प्रदेश को स्वच्छ और गौरवशाली बनाएं।

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