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मोबाइल टावर बैटरी चोरी में बड़ा खुलासा, बागेश्वर पुलिस की सटीक रणनीति से अंतरराज्यीय गिरोह धरा गया

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मोबाइल टावर बैटरी चोरी में बड़ा खुलासा, बागेश्वर पुलिस की सटीक रणनीति से अंतरराज्यीय गिरोह धरा गया

 

बागेश्वर में मोबाइल टावरों की बैटरी चोरी के मामलों में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसपी चन्द्रशेखर घोडके की रणनीति और टीमवर्क के चलते एक अंतरराज्यीय चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है, जिसने मोबाइल टावरों से लाखों की बैटरियां चुरा ली थीं। थाना कपकोट क्षेत्र अंतर्गत ग्राम लाथी (शामा) में बीएसएनएल के मोबाइल टावर से सात बैटरियों की चोरी की सूचना मिलने के बाद मामला दर्ज कर गंभीरता से जांच शुरू की गई।

 

इस मामले में पुलिस अधीक्षक चन्द्रशेखर घोडके के निर्देश और सीओ अजय शाह के पर्यवेक्षण में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस जांच में यह सामने आया कि चोरी की योजना एक सुनियोजित तरीके से बनाई गई थी, जिसमें राहुल चौधरी नाम का अभियुक्त शामिल था जो पहले से मोबाइल टावर निर्माण कार्य से जुड़ा रहा है। उसे बागेश्वर और पिथौरागढ़ के टावर लोकेशन की पूरी जानकारी थी और इसी जानकारी को गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ साझा कर, वे टावरों से बैटरियां चुराते थे।

 

मुख्य आरोपी शिवम मौर्य को पूर्व में गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अब इस मामले में पुलिस ने उसके अन्य साथियों रवि उर्फ रवि दिवाकर, कुलदीप यादव, गिरीश कुमार उर्फ सचिन ठाकुर और राहुल चौधरी को भी गिरफ्तार कर लिया है। रवि और कुलदीप को बरेली (उत्तर प्रदेश) से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों की निशानदेही पर चोरी की गई चार बैटरियां भी बरामद की गईं, जिनकी कीमत लगभग 3 लाख 76 हजार रुपये आंकी गई है।

 

पूरे मामले में पुलिस की गंभीरता और तकनीकी विवेचना की सराहना की जा रही है। एसओजी और थाना कपकोट की संयुक्त टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। गिरफ्तारी टीम में उपनिरीक्षक संजय धौनी, उपनिरीक्षक जीवन सांमन्त, कांस्टेबल विरेंद्र परिहार और संतोष राठौर शामिल रहे।

 

गिरफ्तार अभियुक्तों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है और आगे की पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। यह सफलता बागेश्वर पुलिस के लिए न सिर्फ बड़ी उपलब्धि है, बल्कि यह संदेश भी है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

 

इस खुलासे से न सिर्फ मोबाइल टावर सेवा प्रदाताओं को राहत मिली है, बल्कि आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास भी और मजबूत हुआ है।

 

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