पौधों को रक्षा सूत्र बांधकर दिया प्रकृति संरक्षण का भावनात्मक संदेश, रेड क्रॉस समिति ने पेश की अनूठी पहल
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बागेश्वर में इस बार हरेला पर्व और रक्षाबंधन के बीच एक बेहद मार्मिक और प्रेरणादायक दृश्य सामने आया जब रेड क्रॉस समिति ने अमृत सरोवर के पास वृक्षों को रक्षा सूत्र बांधकर पर्यावरण संरक्षण का एक अनूठा संदेश दिया।
रेड क्रॉस समिति का विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम
रविवार, 27 जुलाई 2025 को रेड क्रॉस समिति बागेश्वर द्वारा पंत क्वेराली स्थित अमृत सरोवर क्षेत्र में एक विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिले के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी और स्वयंसेवी संगठनों के सदस्य उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने सराहा ‘रक्षा सूत्र’ का विचार
कार्यक्रम में मौजूद जिलाधिकारी आशीष भटगाई ने वृक्षों को रक्षा सूत्र बांधने की इस सांस्कृतिक और संवेदनशील पहल की सराहना करते हुए इसे पूरे जनपद में लागू करने की बात कही। उन्होंने बताया कि हरेला पर्व के अवसर पर जनपद में 50 हजार से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं और अब इन पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी हम सबकी है।
“प्रकृति को बाँधें रिश्ते में” – रेड क्रॉस चेयरमैन की भावुक अपील
रेड क्रॉस के चेयरमैन इन्द्र सिंह फसर्वाण ने कहा कि वृक्षारोपण कोई रस्मी क्रिया नहीं, बल्कि हमारी भावी पीढ़ियों के प्रति एक जीवंत उत्तरदायित्व है। उन्होंने कहा कि रेड क्रॉस की टीम हर पौधे के साथ भावनात्मक रूप से जुड़ी है, और हर बीज उनके लिए एक उम्मीद है, जो भविष्य को संवारने में मदद करेगा।
रक्षाबंधन से पूर्व पौधों के साथ निभाया भावनात्मक रिश्ता
रक्षाबंधन से ठीक पहले इस आयोजन में पौधों को रक्षा सूत्र बांधकर उन्हें संरक्षित करने का संकल्प लिया गया। खास बात यह रही कि इस मौके के लिए विशेष राखियों को तैयार किया गया था, जिन्हें राजेश्वरी कार्की और हिमानी शाह ने अपने हाथों से बनाया। इन राखियों को पौधों में बांधते समय यह भावनात्मक संदेश दिया गया कि जैसे एक माँ अपने बच्चे की देखभाल करती है, वैसे ही हमें भी माँ प्रकृति के नाम एक पेड़ लगाकर उसकी सुरक्षा का संकल्प लेना चाहिए।
समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी
इस कार्यक्रम में जिले के कई गणमान्य व्यक्ति, अधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से जिला कोषाध्यक्ष जगदीश उपाध्याय, जनपद सचिव आलोक पांडे, दीपक खेतवाल, डॉ. हरीश दफौटी, आर.पी. कांडपाल, संदीप उपाध्याय, सरिता पपोला, ब्रिजेंद्र पांडे, सुनीता टम्टा, पारस वर्मा, संजय पूना, मोहिनी कोरंगा, नवीन जोशी और संजय जगाती जैसे नाम इसमें शामिल रहे। सभी ने मिलकर पौधों को रक्षा सूत्र बांधकर उनकी सुरक्षा का संकल्प लिया।
एक भावनात्मक और प्रेरणादायक पहल
रेड क्रॉस समिति की यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सार्थक कदम है, बल्कि समाज को प्रकृति के साथ आत्मीय संबंध जोड़ने का भी संदेश देती है। इस आयोजन ने यह दिखा दिया कि अगर हम पेड़-पौधों को भी परिवार के सदस्य की तरह मानें, तो पर्यावरण की रक्षा केवल नारा नहीं, हमारी संस्कृति बन सकती है।
ऐसे आयोजनों से यह स्पष्ट होता है कि यदि पर्यावरण संरक्षण को हम भावनात्मक और सांस्कृतिक आधार से जोड़ें, तो समाज में जागरूकता और भागीदारी का स्तर और भी अधिक बढ़ाया जा सकता है। रेड क्रॉस समिति की यह पहल आने वाले समय में पर्यावरणीय चेतना का एक नया अध्याय बन सकती है।





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