चुनाव और बरसात की दोहरी चुनौती! प्रशासन कैसे कर रहा तैयारी? देखिए पूरी रिपोर्ट
बागेश्वर ज़िले में आज एक अहम बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता खुद जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने की। ये बैठक सिर्फ एक औपचारिकता नहीं थी, बल्कि मानसून और पंचायत चुनाव—इन दोनों बड़ी जिम्मेदारियों को लेकर ज़मीनी हकीकत समझने और त्वरित फैसले लेने का मंच बनी। ज़िला सभागार में हुई इस समीक्षा बैठक में आपदा प्रबंधन और निर्वाचन तैयारियों को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए।
जैसा कि मानसून अब ज़ोर पकड़ चुका है, जिले में कई सड़कें भूस्खलन और पानी की वजह से बाधित हो चुकी हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि इस समय जिले में कुल 13 सड़कें बंद हैं, जिनको खोलने का काम युद्ध स्तर पर जारी है।
इस पर जिलाधिकारी ने साफ-साफ कहा कि चुनाव के दौरान खासकर जब मतदान दल रवाना होते हैं, उस समय उनका रास्ता एक पल को भी नहीं रुकना चाहिए। उन्होंने सभी अभियंत्रण विभागों को निर्देश दिया कि जेसीबी, पोकलैंड और जरूरी संसाधनों को पहले से तैनात रखा जाए ताकि अगर कोई सड़क बंद हो भी जाए, तो तुरंत कार्रवाई हो सके।
नालियों की सफाई, जल निकासी और रोड ओपनिंग कार्य को प्राथमिकता दी जाए, इसके लिए पीएमजीएसवाई, लोक निर्माण विभाग, बीआरओ और आरडब्ल्यूडी को आपसी समन्वय के साथ काम करने के आदेश मिले।
शिक्षा विभाग की ओर से मुख्य शिक्षा अधिकारी गजेन्द्र सिंह सोन ने बताया कि बारिश के दौरान अगर किसी क्षेत्र में हालात खराब हो जाते हैं, तो स्थानीय स्कूल प्रमुख अपने विवेक से स्कूल बंद करने का फैसला ले सकते हैं ताकि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में जीवन रक्षक दवाएं और इमरजेंसी संसाधन भरपूर मात्रा में मौजूद रहें।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को निर्देश दिए गए कि ईंधन और आवश्यक खाद्यान्न की आपूर्ति पहले से सुनिश्चित की जाए ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में जनता को परेशानी न हो।
संचार के मोर्चे पर भी तैयारी ज़रूरी है। बीएसएनएल को अलर्ट मोड में रखा गया है ताकि दूर-दराज़ के इलाकों में भी नेटवर्क बना रहे और मतदान कार्मिकों से लेकर प्रशासन तक, सभी के बीच सही समय पर संपर्क हो सके।
जिलाधिकारी ने साफ कहा कि सभी अधिकारी प्रोएक्टिव मोड में रहें। किसी भी समस्या की आशंका है तो उसके लिए पहले से बैकअप प्लान तैयार हो। कोई भी विभाग लापरवाही न करे, और अगर करेगा तो ज़िम्मेदारी तय की जाएगी।
मतदान केंद्रों की मूलभूत ज़रूरतों जैसे पानी, लाइट, फर्नीचर और छाया जैसी चीज़ों को हर हाल में उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया गया।
अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि यह समय दोहरी चुनौती का है—एक तरफ बारिश और दूसरी तरफ चुनाव। ऐसे में सभी विभाग मिलकर सामूहिक जिम्मेदारी निभाएं और जनता की सेवा में एक भी कड़ी कमजोर न पड़े।
इस महत्वपूर्ण बैठक में एडीएम एनएस नबियाल, एसडीएम कांडा ललित मोहन तिवारी, कपकोट के अनिल सिंह रावत, गरुड़ की प्रियंका रानी, एसीएमओ डॉ दीपक कुमार, ईई संजय पांडे, सिंचाई विभाग के केके जोशी, ब्रीडकुल के मंजीत देशवाल, आरईएस के संजय भारती, वाप्कोस के विशन लाल, नगर पालिका से हयात सिंह परिहार और डीडीएमओ शिखा सुयाल समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
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