उत्तरायणी मेले में पहली बड़ी शुरुआत, तैयारियों को लेकर ज़ोरदार कदम
रिपोर्ट – भगवत नेगी
मेरा हक न्यूज़ में आपका स्वागत है। आज की इस खास रिपोर्ट की शुरुआत एक ऐसे अहम फैसले से होती है, जिसने उत्तरायणी मेला 2026 के लिए पूरे जिले में नई ऊर्जा भर दी है। दरअसल, मेले की तैयारियों को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे की अध्यक्षता में पहली महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, और इस बैठक में जो विज़न सामने आया, वह साफ संकेत देता है कि इस बार का उत्तरायणी मेला पहले से कहीं अधिक भव्य, आकर्षक और सुव्यवस्थित रूप में नजर आने वाला है।
बैठक में जनप्रतिनिधियों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने मेले की सुंदरता, व्यवस्था और सांस्कृतिक गरिमा को और मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट करते हुए कहा कि इस बार मेले को भव्य स्वरूप देने के लिए सभी विभाग अभी से अपनी कार्ययोजना तैयार करें और समय पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिया कि मेले की सज्जा आकर्षक दिखे, इसके लिए सभी दुकानों और स्टॉल पर एक समान फ्लैक्सी बोर्ड और एकरूपता हो, ताकि पूरा मेला एक सुंदर और व्यवस्थित रूप में नजर आए।
इसके साथ ही नगरपालिका को सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने, मुख्य स्थानों पर मोबाइल टॉयलेट, डस्टबिन और अलाव की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। स्थायी शौचालयों में आवश्यक कर्मचारियों की तैनाती भी अनिवार्य की गई, ताकि आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
जल संस्थान को पर्याप्त पेयजल की आपूर्ति के लिए अतिरिक्त स्टैंडपोस्ट लगाने के निर्देश दिए गए। इसके साथ पुलिस विभाग को शांति व्यवस्था और सुरक्षा पर विशेष ध्यान देते हुए अपनी तैयारियाँ पहले ही पूरी करने को कहा गया। परिवहन विभाग को यातायात और पार्किंग की सुव्यवस्थित योजना बनाने का निर्देश मिला, ताकि मेले में आने वाले लोगों को आसानी हो और भीड़ प्रबंधन सुचारू रहे।
वहीं ऊर्जा व्यवस्था को लेकर विद्युत विभाग और उरेडा को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि मेले की पूरी अवधि में निर्बाध बिजली उपलब्ध रहे। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को डीजल और पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा मेले के लिए प्रस्तावित अस्थायी पुलों के निर्माण की प्रक्रिया को भी जल्द शुरू करने पर ज़ोर दिया गया।
दर्जा राज्य मंत्री शिव सिंह बिष्ट ने बैठक में कहा कि उत्तरायणी मेला बागेश्वर की सांस्कृतिक धरोहर है। उन्होंने कहा कि इस मेले की पहचान केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं, बल्कि यह स्थानीय परंपराओं, कला और संस्कृति का जीवंत उत्सव है। इसलिए मेले को भव्य बनाने में सभी विभागों के साथ-साथ आम जनता का सहयोग भी बेहद महत्वपूर्ण है।
इस बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी आदित्य रत्ना, मुख्य विकास अधिकारी आर सी तिवारी, अपर जिलाधिकारी एन एस नबियाल, एसडीएम प्रियंका रानी, जिला पंचायत अध्यक्ष शोभा आर्या, विधायक पार्वती दास, नगर पालिका अध्यक्ष सुरेश खेतवाल समेत कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में उत्तरायणी मेला 2026 को नए रूप और नई ऊंचाइयों के साथ आयोजित करने का संकल्प व्यक्त किया।
उत्तरायणी मेला हमेशा से बागेश्वर की पहचान रहा है, लेकिन इस बार की तैयारियाँ इशारा करती हैं कि यह आयोजन इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने वाला है। आने वाले दिनों में तैयारियों को और गति दिए जाने के साथ यह देखना दिलचस्प होगा कि इस वर्ष का मेला किस तरह लोगों के दिलों में एक यादगार छाप छोड़ता है।
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