सेना से पुलिस तक सेवा का अद्वितीय सफर, अब मिला भावभीना विदाई सम्मान
Report – Bhagwat Negi, Garud, Bageshwar
हम आपको ले चलते हैं बागेश्वर पुलिस के उस भावुक पल की ओर, जहां दो जांबाज़ जवानों को अधिवर्षता की सेवा पूर्ण कर सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। ये सिर्फ एक विदाई नहीं थी, बल्कि उन वर्षों की मेहनत, समर्पण और देशभक्ति को सलाम करने का पल था, जिसे इन जवानों ने पहले भारतीय सेना में और फिर उत्तराखंड पुलिस में ईमानदारी से निभाया।
आज, 30 जून 2025 को पुलिस कार्यालय बागेश्वर में पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर घोडके की अध्यक्षता में मुख्य आरक्षी चंद्र सिंह कपकोटी और आरक्षी गोविन्द सिंह परिहार के लिए एक गरिमामयी विदाई समारोह का आयोजन किया गया। फूल मालाओं से स्वागत हुआ, शॉल ओढ़ाई गई, और प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका सम्मान किया गया।
चंद्र सिंह कपकोटी और गोविन्द सिंह परिहार, दोनों ने ही पहले भारतीय सेना में सेवा दी और इसके बाद बागेश्वर पुलिस विभाग में पूरे 16 वर्ष 7 माह और 10 दिन तक कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और समर्पण के साथ सेवा दी।

पुलिस अधीक्षक ने समारोह में अपने उद्बोधन के दौरान इनकी सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि यह दोनों जवान अपने पूरे कार्यकाल में हमेशा विभाग के लिए भरोसे का प्रतीक रहे। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि भविष्य में भी पुलिस परिवार इनसे जुड़ा रहेगा और किसी भी समस्या में हरसंभव मदद दी जाएगी।
इस विदाई समारोह में सीओ बागेश्वर अजय शाह, प्रतिसार निरीक्षक प्रताप सिंह नेगी समेत कई पुलिस अधिकारी और जवानों ने उपस्थिति दर्ज की। सभी की आंखों में जहां एक ओर गर्व था, वहीं दूसरी ओर इन दो वरिष्ठों की विदाई का भावुक क्षण भी सभी को छू गया।
सेवा से सेवानिवृत्त होकर ये दोनों अधिकारी अब अपने जीवन के नए अध्याय की ओर बढ़ रहे हैं, लेकिन उनके द्वारा निभाई गई सेवा को हमेशा याद किया जाएगा। यह विदाई एक उदाहरण है, जो बताता है कि जब सेवा निष्ठा और समर्पण से की जाए, तो विदाई सिर्फ औपचारिकता नहीं होती, बल्कि सम्मान और प्रेरणा का पल बन जाती है।
मेरा हक न्यूज़ इन दोनों सेवानिवृत्त अधिकारियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए ढेरों शुभकामनाएं देता है।






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