गांव में सुनार बनकर आया अंजान युवक, सोने की सफाई के बहाने गहने गायब… पुलिस ने खोला राज़
मेरा हक न्यूज़ में आपका स्वागत है। सोचिए, अगर आपके दरवाज़े पर कोई अंजान व्यक्ति सुनार बनकर आ जाए और कहे कि वह आपके गहने बिल्कुल नए जैसे चमका देगा, तो आप क्या करेंगे? कपकोट में एक महिला ने भरोसा किया और यही भरोसा ठगी में बदल गया। लेकिन बागेश्वर पुलिस की सतर्कता ने इस राज़ से पर्दा उठा दिया और आरोपी गिरफ्तार हो गया।
मामला 18 अगस्त 2025 का है। कपकोट के रहने वाले हरीश चन्द्र ने थाने में तहरीर दी कि एक युवक, जिसने खुद को सुनार बताया, उनकी पत्नी से सोने के टाँप्स सफाई के नाम पर ले गया। महिला ने विश्वास किया, लेकिन युवक ने केमिकल से टाँप्स का सोना गला दिया और गायब कर दिया। यह मामला सुनने में मामूली ठगी लग सकता था, मगर जांच में पता चला कि यह युवक गांव-गांव घूमकर महिलाओं को इसी तरह निशाना बनाता था।
पुलिस अधीक्षक चन्द्र शेखर घोड़के ने इसे गंभीरता से लिया और ऑपरेशन कालनेमि के तहत तुरंत टीम गठित की। पुलिस उपाधीक्षक मनीष शर्मा की निगरानी में शुरू हुई तलाश ने देर रात सरयू पुल कपकोट के पास आरोपी को धर दबोचा। आरोपी का नाम है छोटू कुमार, उम्र 21 वर्ष, निवासी भागलपुर, बिहार।
पूछताछ में आरोपी ने चौंकाने वाली बातें कबूल कीं। उसने बताया कि वह सुनार बनकर गांवों में जाता है, महिलाओं का विश्वास जीतता है और फिर सोने के गहनों को साफ करने के बहाने रसायन डालकर सोना निकाल लेता है। पुलिस ने उसके पास से गलाया हुआ सोना और ठगी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले केमिकल, कास्टिक सोडा, डीजल, हल्दी, नींबू और पिताम्बरी बरामद किए।
इस गिरफ्तारी में सब इंस्पेक्टर मंजू पंवार, कांस्टेबल अशोक कुमार और कांस्टेबल वीरेन्द्र परिहार की अहम भूमिका रही। आरोपी को अब न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
पुलिस ने जनता से अपील की है कि किसी भी अंजान व्यक्ति या फेरीवाले को अपने गहने न सौंपें। अगर आपके गांव या शहर में कोई संदिग्ध व्यक्ति घूमता नजर आए तो तुरंत पुलिस हेल्पलाइन 112 या नजदीकी थाने में जानकारी दें।
यह घटना सिर्फ एक ठगी नहीं बल्कि एक सबक है कि विश्वास करने से पहले सतर्क रहें। ऑपरेशन कालनेमि के तहत पुलिस ऐसे ही नकली चेहरों को बेनकाब करने में लगी है।





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