कोट भ्रामरी मंदिर मेले की पहली बैठक संपन्न, तैयारियों को लेकर बनी रणनीति
REPORT- VAISHNAVI
गरुड़। कोट भ्रामरी मंदिर में आयोजित होने वाले तीन दिवसीय मेले की तैयारियों को लेकर पहली बैठक मेला अध्यक्ष एवं ब्लॉक प्रमुख किशन बौरा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में आगामी 17, 18 और 19 सितंबर को आयोजित होने वाले मेले को भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने को लेकर विभिन्न विभागों एवं समितियों की जिम्मेदारियां तय की गईं।
बैठक में विधायक पार्वती दास, नगर पंचायत अध्यक्ष भावना वर्मा, तहसीलदार निशा रानी, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष नरेंद्र बिष्ट, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण सहित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने प्रतिभाग कर मेले की व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की।
मेले के सफल संचालन के लिए एडवोकेट जगदीश आर्या को मेला संचालन, घनश्याम जोशी को सांस्कृतिक व्यवस्था, हेम वर्मा एवं रमेश जोशी को कोषाध्यक्ष, संजय फर्स्वाण एवं मोहन सिंह भरड़ा को भोजन व्यवस्था तथा कुंदन भंडारी एवं राजू बोरा को परिवहन व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई। वहीं ठाकुर मेहरा सोशल मीडिया व्यवस्था संभालेंगे। अनुशासन समिति में राजेंद्र बोरा, मंगल राणा, हेम रावत, दान सिंह बिष्ट और भगवत राणा को जिम्मेदारी दी गई।
राज्य दर्जा मंत्री शिव सिंह बिष्ट ने संबंधित विभागों को मेले से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण करने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग को 10 से 15 सितंबर तक मार्गों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। पार्किंग एवं यातायात व्यवस्था को लेकर कोतवाल कैलाश नेगी से आवश्यक तैयारियां करने को कहा गया। मेले के दौरान सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने तथा 15 सितंबर से बाहरी दुकानदारों का सत्यापन करने पर भी सहमति बनी।

बैठक में जिला पंचायत को मेला क्षेत्र में झाड़ियों की सफाई तथा नगर पंचायत गरुड़ को स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयुष्मान स्टॉल लगाने तथा मेले में फायर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने पर भी चर्चा हुई।
पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष लक्ष्मण आर्या ने मेले तक पहुंचने वाले रास्तों की व्यवस्था का मुद्दा उठाया। जिला पंचायत सदस्य दीपक खुल्बे ने बाइकर्स से जुड़ी समस्या तथा जिला पंचायत सदस्य जनार्दन लोहनी ने भोजन स्टॉलों पर खाद्य पदार्थों की शुद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की मांग रखी।
बैठक में मानसखंड योजना के तहत स्वीकृत करीब 5 करोड़ रुपये के मंदिर सौंदर्यीकरण प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई। निर्णय लिया गया कि आगामी 7 सितंबर को मंदिर परिसर में सभी संबंधित विभागों एवं राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ दोबारा बैठक आयोजित की जाएगी।
बैठक में मेले को श्रद्धा, संस्कृति और परंपरा के साथ-साथ सुरक्षा एवं बेहतर व्यवस्थाओं का समन्वय स्थापित करते हुए भव्य रूप देने पर जोर दिया गया।





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